देवघर में दो स्कूली छात्राओं के बीच मामूली कहासुनी में हिंसक झड़प, गंभीर हालत में कोलकाता रेफर

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A minor altercation between two schoolgirls in Deoghar led to a violent clash; one was referred to Kolkata in critical condition.
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Deoghar: देवघर के सोनारायठाढ़ी प्रखंड स्थित उन्नत मध्य विद्यालय में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया जब दो छात्राओं के बीच मामूली कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई. विवाद इतना बढ़ गया कि एक छात्रा ने दूसरी छात्रा पर हमला कर दिया, जिससे 11 वर्षीय लज्जो कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई.

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घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल के लंच के दौरान दोनों छात्राओं के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ. यह झगड़ा जल्द ही हाथापाई में बदल गया. लज्जो कुमारी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी. शिक्षकों और छात्रों ने तुरंत उसके परिवार को सूचित किया. सूचना मिलने पर परिवार मौके पर पहुँचा और छात्रा को देवघर सदर अस्पताल ले गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी बाईं आँख में गंभीर चोट और लगातार रक्तस्राव के कारण उसे आगे के इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया गया. परिवार आर्थिक रूप से कमज़ोर है और इलाज कराने में कठिनाई का सामना कर रहा है. परिवार ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता और न्याय की मांग की है. डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की आँख के आसपास की हड्डी टूटने की आशंका है और अगर समय पर इलाज न किया गया, तो आँख प्रभावित हो सकती है.

परिवार ने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए

घायल बच्ची के परिवार का आरोप है कि यह घटना स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की लापरवाही के कारण हुई. परिवार ने कहा कि अगर शिक्षकों ने समय रहते हस्तक्षेप किया होता या बच्चों पर नज़र रखी होती, तो यह घटना नहीं होती. स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. परिवार ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को लिखित शिकायत देकर दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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शिक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट मांगी

शिकायत मिलने के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और बीईओ को जाँच के आदेश दिए. खबरों के अनुसार, बीईओ कार्यालय ने स्कूल के शिक्षकों और छात्रों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है. ऐसी घटनाएँ अस्वीकार्य हैं. जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

ग्रामीणों ने की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग


इस घटना के बाद, ग्रामीण भी आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में किसी भी प्रकार की निगरानी या अनुशासनात्मक नियंत्रण का अभाव है. उन्होंने पहले भी बच्चों के बीच झगड़े की कई शिकायतें की हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया. ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगाने, अनुशासन समिति गठित करने और बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की मांग की है.

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