Jharkhand Politics: दलबदल मामले में जेपी पटेल और लोबिन हेम्ब्रम की सदस्यता चली गई है. आज यानी गुरुवार को स्पीकर ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अपना फैसला सुनाते हुए दोनों विधायकों की सदस्यता खारिज कर दी. जेपी पटेल भाजपा के टिकट पर मांडू से विधायक बने लेकिन उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर हजारीबाग से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा. वहीं लोबिन हेम्ब्रम झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर बोरियो से विधायक बने और राजमहल से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़े. दोनों चुनाव भी हार गए थे. स्पीकर ट्रिब्यूनल ने लोबिन हेम्ब्रम पर लगे दलबदल के आरोप के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.
स्पीकर ट्रिब्यूनल में सुनवाई के दौरान लोबिन हेम्ब्रम की ओर से अधिवक्ता अनुज कुमार ने कहा था कि जिस तरह से आरोप लगाए गए हैं, वह कहीं न कहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संविधान के खिलाफ है. उन्होंने पार्टी संविधान की धारा 19(7) का हवाला देते हुए कहा था कि अध्यक्ष द्वारा किए गए निष्कासन को 4 महीने के अंदर पार्टी की बैठक में मंजूरी मिलना जरूरी है. यह दलबदल का मामला नहीं, बल्कि पार्टी का अंदरूनी मामला है. झामुमो की ओर से अधिवक्ता अंकितेश कुमार झा ने बहस करते हुए कहा था कि पार्टी ने लोबिन हेम्ब्रम को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने पार्टी लाइन से अलग हटकर लोकसभा चुनाव लड़ा था, इसलिए लोबिन हेम्ब्रम की सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए. दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधिकरण ने बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

