Ranchi : रेलवे स्टेशन के पास सिरमटोली-मेकॉन फ्लाईओवर के रैंप को हटाने की मांग तेज हो गई है. सोमवार को केंद्रीय सरना स्थल सिरोम टोली बचाओ मोर्चा के बैनर तले रांची के विधायक और सांसद के अलावा सभी 29 एसटी विधायकों की शव यात्रा निकाली गई. सिरमटोली से शव यात्रा अल्बर्ट एक्का चौक तक गई. जहां सभी का सामूहिक पुतला दहन किया गया और महिलाओं ने विलाप भी किया. विरोध प्रदर्शन कर रहे आदिवासी समाज के लोगों का कहना है कि अबुआ सरकार भी आदिवासी समाज के लिए आवाज नहीं उठा रही है. अगर फ्लाईओवर का रैंप यहां गिरा तो सरहुल के लिए आने वाले जुलूस को परेशानी होगी. अगर रैंप को यहां से नहीं हटाया गया तो 21 मार्च को मशाल जुलूस निकाला जाएगा और 22 मार्च को रांची बंद किया जाएगा.
इस विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय सरना समिति झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि आपसी सहमति से यह मामला सुलझा लिया गया था. इसके बाद कुछ लोग जानबूझ कर अपनी राजनीति चलाने के लिए फिर से रैंप का मुद्दा उठा रहे हैं और एक सुनियोजित साजिश के तहत आंदोलन कर रहे हैं. विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग भाजपा की बी टीम हैं.
उन्होंने 16 मार्च को सिरमटोली स्थित सरना स्थल पर अपने साथ हुई हाथापाई व मारपीट को लेकर चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. आरोप है कि 16 मार्च को शाम करीब साढ़े पांच बजे वे सिरमटोली स्थित सरना स्थल पर रैंप को लेकर अपनी बात रख रहे थे, तभी मधुकम निवासी रोहित तिर्की व 15 अन्य अज्ञात लोगों ने उनके साथ हाथापाई व गाली-गलौज की. जान से मारने की धमकी भी दी. अजय तिर्की ने बताया कि फ्लाईओवर के रैंप के लिए सरना स्थल से 10 फीट जमीन ली गयी है, बाद में 10 फीट और जमीन की मांग की गयी, लेकिन मुख्यमंत्री के साथ समिति की बैठक के बाद अतिरिक्त 10 फीट जमीन नहीं ली गयी. वहीं, केंद्रीय चडरी सरना समिति के केंद्रीय महासचिव रवि मुंडा ने कहा कि पिछले दो माह से सिरमटोली फ्लाईओवर को हटाने की मांग की जा रही है. क्योंकि उसके कारण सिरमटोली सरना स्थल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है. कुछ दिनों बाद सरहुल शोभा यात्रा निकलने वाली है. इसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होगी. अल्टीमेटम दिया गया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 22 मार्च को रांची बंद बुलाया जाएगा.