inlive247 Desk: आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. इसकी तीव्रता को देखते हुए राज्य सरकार ने सात जिलों में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है. वहीं, मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात का लैंडफॉल मछलीपट्टनम (Machilipatnam) और कालींगपट्टनम (Kalingapatnam) के बीच शुरू हो गया है, जो अगले तीन से चार घंटे में पूरी तरह तट पार कर लेगा.
तेज हवाएं और भारी बारिश का दौर जारी
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, तटवर्ती इलाकों में हवा की गति 90 से 100 किमी प्रति घंटा, जबकि झोंकों की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई है. इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है और समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है.
सात जिलों में नाइट कर्फ्यू, वाहनों की आवाजाही पर रोक
सरकार ने एहतियात के तौर पर मंगलवार रात से सात जिलों-कृष्णा, एलुरु, ईस्ट गोदावरी, वेस्ट गोदावरी, काकिनाडा, डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा और अल्लूरी सीताराम राजू (चिंटूर और रामपचोडवरम डिवीजन) में नाइट कर्फ्यू लागू किया है.
यह प्रतिबंध रात 8:30 बजे से बुधवार सुबह 6:00 बजे तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही यहां तक कि राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर भी प्रतिबंधित रहेगी. केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को ही अनुमति दी गई है.
प्रशासन अलर्ट पर, राहत दल तैनात
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिलों के प्रशासन को उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. तटीय क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमें पहले से तैनात हैं. बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए ऊर्जा विभाग को बैकअप सिस्टम तैयार रखने को कहा गया है.
कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात
कृष्णा और गोदावरी नदी तटों पर पानी का स्तर बढ़ने से कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है. राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और घर से बाहर निकलने से बचें, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती.
