सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस धारक अब 7500 KG तक के चला सकेंगे ट्रांसपोर्ट वाहन

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस धारक अब 7500 KG तक के चला सकेंगे ट्रांसपोर्ट वाहन
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New Delhi: LMV यानी लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) लाइसेंस पर सुप्रीम कोर्टने अपना फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति 7,500 किलोग्राम से अधिक वजन वाले हल्के परिवहन वाहन भी चला सकता है. इस फैसले से बीमा कंपनियों के लिए झटका है. जो पहले ऐसे मामलों में दावों को खारिज कर देती थीं. बीमा कंपनियों का कहना था कि दुर्घटनाएं एक विशेष वजन के परिवहन वाहनों से संबंधित होती थीं जो चालक कानूनी शर्तों के अनुसार उन्हें चलाने के लिए अधिकृत नहीं थे. यह फासला मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सुनाया,

जानें सुप्रीम कोर्ट का क्या है फैसला?

इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाले व्यक्ति को 7,500 किलोग्राम या 7.5 टन तक वजन वाले ट्रक चलाने की भी अनुमति है. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा दिया गया यह फैसला बीमा कंपनियों के लिए एक झटका है, जिन्होंने पहले ऐसे मामलों में दावों को खारिज कर दिया था, जहां दुर्घटनाएं ऐसे व्यक्तियों द्वारा परिवहन वाहन चलाने के कारण हुई थीं, जिनके पास विशिष्ट परिवहन वाहन ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था.

बीमा कंपनियों के लिए आसानी

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के मद्देनजर, बीमा कंपनियों को अब एलएमवी लाइसेंस धारकों द्वारा चलाए जाने वाले परिवहन वाहनों से जुड़े दावों को संभालने के लिए अपने दृष्टिकोण को समायोजित करना होगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले से यह सुनिश्चित होता है कि ऐसे ड्राइवरों को कानूनी तौर पर 7.5 टन तक वजन वाले वाहन चलाने की अनुमति है.

बीमा कंपनियों ने क्या लगाए थे आरोप

बीमा कम्पनियों ने आरोप लगाया था कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) और अदालतें हल्के मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस के संबंध में उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए उन्हें बीमा दावे का भुगतान करने के आदेश पारित कर रही हैं.

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