महाशिवरात्रि से पहले बाबा बैद्यनाथ मंदिर का उतारा गया पंचशूल, जानिए इस अनोखी परंपरा के बारे में
देवघर (DEOGHAR) : महाशिवरात्रि के पावन अवसर से पहले परंपरा के अनुसार बाबा मंदिर के शिखर पर स्थापित पवित्र पंचशूल को शुक्रवार को विधिवत उतारा गया. यह पूरी प्रक्रिया उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक सौरभ की निगरानी में संपन्न हुई. जैसे ही पंचशूल को नीचे उतारा गया, उसे स्पर्श करने और दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिर प्रांगण में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. बताया गया है कि कल विधि-विधान से पूजा-पाठ के बाद पंचशूल को फिर से मंदिरों के शिखर पर स्थापित किया जाएगा. इसके बाद ही गठबंधन की परंपरा संपन्न हो सकेगी.
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर खास ध्यान
मीडिया से बातचीत में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि महाशिवरात्रि को लेकर बाबा मंदिर, शिवगंगा, मंदिर के आसपास के क्षेत्रों और शिव बारात रूट लाइन में श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. इसके अलावा देवघर शहर में मंदिर की साफ-सफाई, साज-सज्जा और विशेष सजावट का कार्य भी महाशिवरात्रि को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.
साल में एक बार उतरता है पंचशूल
परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि से ठीक दो दिन पहले साल में एक बार बाबा मंदिर और पार्वती मंदिर के शीर्ष पर लगे पंचशूल को उतारा जाता है. इस अद्भुत पल का साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटते हैं. पंचशूल उतारने के बाद महाशिवरात्रि से पहले कोई भी भक्त गठबंधन नहीं कर सकता. माता पार्वती और महादेव के गुंबदों पर लगे दोनों पंचशूलों को नीचे उतारकर पहले आपस में मिलाया जाता है और एक साथ रखा जाता है. यह अनोखी परंपरा सिर्फ बैद्यनाथ धाम मंदिर में ही देखने को मिलती है. इस मौके पर हर श्रद्धालु की इच्छा होती है कि वह कम से कम एक बार पंचशूल के दर्शन जरूर कर सके. यही वजह है कि इस दिन मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ती है.
कई अधिकारी रहे मौजूद
इस खास अवसर पर उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.

