निलंबित IAS पूजा सिंघल को ‘सुप्रीम’ झटका, जमानत याचिका खारिज…

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Ranchi : सुप्रीम कोर्ट से निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल को एक बार फिर झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने पूजा सिंघल को जमानत देने से इनकार कर दिया है. गौरतलब है कि मनरेगा घोटाला मामले में गिरफ्तार पूजा सिंघल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी जिसको सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है.

स्वास्थ्य के आधार पर मांगी थी जमानत

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में घिरी आईएएस पूजा सिंघल ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी. उनके वकील ने 16 मार्च को शीर्ष अदालत में दलील दी थी कि पूजा सिंघल 585 दिनों तक जेल में रहीं. उनके खिलाफ ईडी ने आरोप पत्र दाखिल किया है. चूंकि पूजा सिंघल की हालत ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए.

पूजा सिंघल के वकील की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा था. कोर्ट ने ईडी से हलफनामा दाखिल करने को कहा था, जिसमें बताने के लिए कहा था कि झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल कितने दिनों तक जेल में रहीं. साथ ही यह भी बताने को कहा कि पूजा को अब तक कितने दिनों की अंतरिम जमानत मिली है और वह कितने दिनों तक रिम्स में रही.

ईडी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को दी थी ये जानकारी

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि पूजा सिंघल ने अपनी हिरासत अवधि के दौरान जेल से ज्यादा समय अस्पताल में बिताया है. अब तक उन्होंने सिर्फ 231 दिन ही जेल में बिताए हैं. वह 303 दिनों तक अस्पताल में रहीं. उन्हें अस्पताल में घूमते हुए भी देखा जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूजा सिंघल के वकील से कहा था कि अगर यह सच साबित हुआ तो हम मामले की सुनवाई नहीं करेंगे.

11 मई 2022 से जेल में हैं पूजा सिंघल

झारखंड की तेजतर्रार आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को 2022 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था. उन्हें 11 मई को गिरफ्तार किया गया था. तब से वह जेल में हैं. गिरफ्तारी के बाद झारखंड सरकार ने पूजा सिंघल को निलंबित कर दिया था.

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