Maiya samman yojana: मंईयां योजना के लाभुकों के लिए राहतभरी खबर है. जिन महिलाओं की किश्तें रूक गई हैं उन लाभुकों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है. दरअसल शुरुआती दौर में लाखों महिलाओं के खाते में हर महीने ₹2,500 की राशि पहुंच रही थी, लेकिन कुछ महीनों बाद अचानक भुगतान रुक गया. राज्यभर से ऐसी शिकायतें मिलने के बाद सरकार हरकत में आई है. करीब 51 लाख महिलाओं को मिलने वाली इस मासिक सहायता में रुकावट के बाद सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. सरकार का कहना है कि जिन लाभुकों का पैसा तकनीकी कारणों से अटक गया है, उन्हें जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. कोशिश है कि होली से पहले ही बकाया राशि महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचा दी जाए. वहीं इसको लेकर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने ट्वीट कर बताया है कि जल्द ही दस्तावेजों में सुधार के बाद रूके हुए लाभुकों को भुगतान किया जाएगा.
क्यों रुका भुगतान?
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने ₹2,500 सीधे उनके बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे जाते हैं. इस योजना से 50 लाख से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं. लेकिन कुछ महीनों के बाद कई महिलाओं ने शिकायत की थी कि शुरुआत में तीन-चार किस्तें मिलने के बाद अचानक भुगतान बंद हो गया. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे मुख्य वजह दस्तावेजों में गड़बड़ी, आधार और बैंक खाते के लिंक में समस्या या पहचान से जुड़ी त्रुटियां हैं.
किन वजहों से अटक रही है राशि?
आधार कार्ड, राशन कार्ड या बैंक पासबुक में त्रुटियां
बैंक खाते का आधार से लिंक न होना
नाम, पता या जन्मतिथि में अंतर
पहचान दस्तावेजों की कमी या रिकॉर्ड में असंगति
सरकार ने साफ किया है कि जो महिलाएं योजना की पात्रता पूरी करती हैं, उनका पैसा नहीं रुकेगा. दस्तावेजों की जांच कर गलतियां सुधारी जाएंगी और सही बैंक विवरण अपडेट किए जाएंगे.
होली से पहले मिलेगी राहत
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लंबित मामलों की जांच तेजी से पूरी करें. जिन लाभुकों की राशि रुकी है, उनकी त्रुटियां ठीक कर भुगतान फिर से शुरू किया जाएगा. सरकार का दावा है कि सभी पात्र महिलाओं को होली से पहले बकाया राशि उनके खातों में भेजने की तैयारी की जा रही है. इससे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. अब नजर इस बात पर है कि जिलों में सुधार प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और महिलाओं के खाते में रुकी हुई रकम कब तक पहुंचती है.
