Ranchi: झारखंड में बजट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. हेमंत सरकार 24 फरवरी को अपना बजट पेश करने जा रही है. झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगा. इस बार का बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 8 से 10 प्रतिशत तक बड़ा हो सकता है. फिलहाल वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और उनकी टीम बजट को अंतिम रूप देने में जुटी है. 24 फरवरी को वे सदन में बजट पेश करेंगे.
ग्रामीण विकास और योजनाओं पर रहेगा खास फोकस
मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार इस बार ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर खास जोर दे सकती है. पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 का मूल बजट 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपये का था. वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट का आकार बढ़कर करीब 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यानी इस बार बजट में 8-10 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभव है.
मंईया सम्मान से पेसा कानून तक गरमाएंगे मुद्दे
18 फरवरी से शुरू हो रहा बजट सत्र 19 मार्च तक चलेगा. इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है. सरकार बजट सत्र के दौरान अपनी उपलब्धियां गिनाएगी. खास तौर पर मंईया सम्मान योजना, अबुआ आवास और सर्वजन पेंशन को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा सकता है. वहीं विपक्ष, खासकर बीजेपी और आजसू, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और पेसा कानून जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है.
राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत
बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी. इसके बाद 24 फरवरी को सरकार का बजट पेश किया जाएगा. ऐसे में राजनीतिक माहौल गरम रहने के पूरे आसार हैं. अब सबकी नजर 24 फरवरी पर टिकी है, जब सदन में झारखंड की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं का खाका सामने आएगा.
