गर्मी का कहर : चुनाव ड्यूटी पर तैनात 5 होमगार्ड की मौत, 16 अस्पताल में भर्ती

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गर्मी का कहर : चुनाव ड्यूटी पर तैनात 5 होमगार्ड की मौत, 16 अस्पताल में भर्ती
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Mirzapur : कल यानी 1 जून को सातवें और अंतिम चरण का मतदान होना है. इस बीच मिर्जापुर में भीषण गर्मी और लू के चलते चुनाव ड्यूटी पर तैनात 5 होमगार्डों की मौत हो गई. तबीयत बिगड़ने पर 16 होमगार्डों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. ये सभी होमगार्ड सातवें चरण के मतदान के लिए ड्यूटी पर थे.

बताया जा रहा है कि मृतक पोलिंग पार्टी के लिए रवाना होने की बजाय पॉलिटेक्निक ग्राउंड पहुंच गए थे. तबीयत खराब होने पर उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां पांच होमगार्डों की मौत हो गई.

दरअसल, उत्तर भारत में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. कई जगहों पर तापमान 51 डिग्री से ऊपर चला गया है. इसके चलते अब तक कई दर्जन लोगों की जान जा चुकी है. मिर्जापुर के तापमान की बात करें तो शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 47 डिग्री दर्ज किया गया. इस बीच शुक्रवार को चिलचिलाती धूप में तबीयत बिगड़ने से ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड की मौत हो गई.

उत्तर भारत में लू से दर्जनों लोगों की मौत

बता दें कि इससे पहले भी देशभर में बढ़ती गर्मी और लू के कारण कई दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है. मिर्जापुर से पहले भीषण गर्मी के कारण 43 लोगों की मौत हो चुकी है. बिहार में लू के कारण 32 लोगों की जान जा चुकी है.

वहीं, ओडिशा में भी लू के कारण 10 लोगों की जान जा चुकी है. बिहार में लू के कारण 32 लोगों की मौत हो गई, जिसमें से औरंगाबाद में 17, आरा में छह, गया और रोहतास में तीन-तीन, बक्सर में दो और पटना में एक व्यक्ति की मौत हुई. ओडिशा के राउरकेला में 10 लोगों की मौत हुई.

इसके अलावा झारखंड के पलामू जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई. वहीं, ओडिशा में 10 और राजस्थान में 5 और उत्तर प्रदेश में 1 व्यक्ति की जान चली गई. इससे पहले, बिहार के दरभंगा के 40 वर्षीय व्यक्ति की दिल्ली में हीट स्ट्रोक से मौत हो गई थी. शरीर का तापमान सामान्य से लगभग 10 डिग्री अधिक 108 डिग्री फारेनहाइट तक बढ़ जाने के बाद कई अंगों के काम करना बंद कर देने से उसकी मौत हो गई.

भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दी जा रही सलाह

 -गर्मी के संपर्क में आने से बचें, ठंडे रहें और निर्जलीकरण से बचें.

 -वेव/हीट वेव की चेतावनियों पर ध्यान दें. जितना हो सके उतना पानी पिएं. प्यास न लगने पर भी पानी पिएं.

हल्के रंग के पसीने सोखने वाले सूती कपड़े पहनें.

-घर से बाहर निकलते समय धूप का चश्मा, छाता, टोपी और चप्पल का प्रयोग करें.

-अगर आप खुले में काम करते हैं, तो अपने सिर, चेहरे, हाथ और पैरों को गीले कपड़े से ढकें.

-धूप से बचने के लिए छाते का प्रयोग करें.

– हीट स्ट्रोक से प्रभावित व्यक्ति/महिला को छाया में लिटाएं और गीले सूती कपड़े से पोंछें या नहलाएं और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

-यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ रखें. कच्चा प्याज खाएं और उसे अपनी जेब में रखें.

– शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, कच्चे आम का पना, इमली का पानी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें.

– हीट स्ट्रोक, हीट रैश, हीट कैंप के लक्षणों को पहचानें जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, जी मिचलाना, पसीना आना, बेहोशी आदि. बेहोशी या बीमार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

– अपने घर को ठंडा रखें. कमरे और घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे, दरवाजे आदि का इस्तेमाल करें और रात और शाम को उन्हें खोलें.

– पंखे का इस्तेमाल करें, गीले कपड़े पहनें और बार-बार नहाएं. कार्यस्थल पर ठंडा पीने का पानी रखें.

– कर्मचारियों को सीधी धूप से बचने के लिए चेतावनी दें. कोशिश करें कि मेहनत वाला काम ठंडे समय में करें.
-घर से बाहर होने की स्थिति में आराम करने की समयावधि तथा आवृत्ति को बढ़ाएं.
-गर्भवती महिला कर्मियों तथा रोग्रगस्त कर्मियों पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए.

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