झारखंड में आंधी-तूफान और लू ‘विशिष्ट स्थानीय आपदा’ घोषित, राहत और बचाव कार्यों पर जोर

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Ranchi : मुख्य सचिव अलका तिवारी ने प्रदेश में आंधी-तूफान और लू से होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए इसे ‘विशिष्ट स्थानीय आपदा’ घोषित करने को कहा है. मुख्य सचिव ने आपदा विभाग को आवश्यक निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश में प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान से निपटा जा सके.

राहत और बचाव कार्यों पर जोर

पहले इन्हें आपदाओं में शामिल नहीं किया जाता था, लेकिन अब इन्हें आपदा घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. मुख्य सचिव ने कहा है कि समय पर राहत और बचाव कार्य चलाकर हम प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं.

गोताखोरों की तैनाती व फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे

प्रदेश के चिन्हित जलाशयों पर गोताखोरों की तैनाती की जाएगी. इसके लिए पंजीकृत पेशेवर मछुआरों को प्रशिक्षित किया जाएगा. इसके अलावा प्रदेश के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की संकरी गलियों में बने मकानों और भवनों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए 39 फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.

वज्रपात और डूबने से होने वाली मौतों पर फोकस

आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के सहयोग से वज्रपात और डूबने से होने वाली मौतों के हॉट स्पॉट की पहचान करेगा, फिर यहां होने वाले संकट से निपटने की रणनीति बनाई जाएगी.

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