झारखंड में अप्रैल महीने से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को इसकी तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं. आयोग का लक्ष्य है कि अधिसूचना जारी होने के बाद 100 दिनों के भीतर यह पूरी प्रक्रिया समाप्त कर ली जाए. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जानकारी दी कि इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए 11 मार्च को राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी शामिल होंगे. बैठक का उद्देश्य प्री-रिविजन से जुड़ी गतिविधियों को समय पर पूरा करना और एसआईआर शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना है.
90 से 100 दिनों में पूरा होगा काम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आमतौर पर विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 90 से 100 दिनों में पूरी होती है. कुछ राज्यों में समय बढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन झारखंड में ऐसी स्थिति की संभावना नहीं है. राज्य में निर्धारित समय सीमा के भीतर ही पूरी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है.
73 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन पहले ही पूरा
एसआईआर शुरू होने से पहले राज्य में बड़ी प्रगति दर्ज की जा चुकी है. निर्वाचन आयोग की ओर से साझा आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में कुल 2,65,62,300 मतदाताओं में से 1,94,30,429 का सत्यापन पहले ही किया जा चुका है. यह लगभग 73 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन है.
यह सत्यापन 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर किया गया है. इस प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है जो दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनका निधन हो चुका है या जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है. ऐसे मामलों की संख्या 12 लाख से अधिक बताई गई है.
सूची को और अधिक सटीक बनाने की कोशिश
विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है. इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होती है. अप्रैल से शुरू होने वाला यह अभियान राज्य की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
निर्वाचन विभाग का कहना है कि समय पर और व्यवस्थित तरीके से काम पूरा कर लिया जाएगा ताकि मतदाता सूची पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित हो सके.
