Odisha : पुरी में आज जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. जिससे कई लोग के घायल होने की सूचना है. घायलों को इलाज के लिए तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया. यह घटना पुरी के बड़ा डांडा में हुई.
घटना को लेकर बताया जा रहा कि रथ खींचते समय हुए हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. भगवान बलभद्र के रथ को खींचते समय यह हादसा हुआ, जिसे सबसे पहले खींचा गया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीनों रथों की परिक्रमा कर टेका माथा
पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने अपने शिष्यों के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन किए और पुरी के राजा ने ‘छेरा पहनरा’ (रथ की सफाई) की रस्म पूरी की, जिसके बाद शाम करीब 5.20 बजे रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई. रथों में लकड़ी के घोड़े लगाए गए और सेवादारों ने भक्तों को रथों को सही दिशा में खींचने के लिए मार्गदर्शन किया. इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीनों रथों की परिक्रमा की और देवताओं के सामने माथा टेका.
जगन्नाथ रथ यात्रा का खास है महत्व
बता दें कि सनातन धर्म में जगन्नाथ रथ यात्रा का बेहद खास महत्व है. मान्यताओं के अनुसार रथ यात्रा निकालकर भगवान जगन्नाथ को प्रसिद्ध गुंडिचा माता मंदिर ले जाया जाता है, जहां भगवान 7 दिनों तक विश्राम करते हैं. इस दौरान गुंडिचा माता मंदिर में विशेष तैयारियां की जाती हैं और मंदिर की साफ-सफाई के लिए इंद्रद्युम्न सरोवर से जल लाया जाता है. इसके बाद भगवान जगन्नाथ की वापसी यात्रा शुरू होती है. इस यात्रा का सबसे बड़ा महत्व यह है कि इसे पूरे भारत में एक उत्सव की तरह निकाला जाता है. इस रथ यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भव्य रथों को देखने और उन्हें खींचने के लिए जुटते हैं.
