रांची डीसी का लैटर वायरल- मंईयां सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों को हटाने और राशि वसूली का निर्देश

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रांची डीसी का लैटर वायरल- मंईयां सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों को हटाने और राशि वसूली का निर्देश
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Ranchi: मंईयां सम्मान योजना के अपात्र लाभुकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी शुरू हो गयी है. रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री का एक पत्र (लैटर) वायरल हो रहा है, जिसमें उपायुक्त ने जिले के सभी बीडीओ, सीओ और सीआरपी को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के चयनित लाभुकों का भौतिक सत्यापन कर 28 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है. उपायुक्त ने यह निर्देश सामाजिक सुरक्षा विभाग के निर्देश के आलोक में दिया है.

सड़कों पर उतरकर मंईयां सम्मान योजना की राशि वसूलने से रोकेगी बीजेपी- प्रतुल शाहदेव

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (एक्स) पर लैटर की कॉपी शेयर की. उन्होंने लिखा “भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं झारखण्ड के प्रथम मुख्यमंत्री माननीय बाबूलाल जी ने कल विधानसभा में सरकार के निर्देश पर उपायुक्त का लिखा एक पत्र दिखाया था. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री माननीय बाबूलाल जी ने कल विधानसभा में सरकार के निर्देश पर उपायुक्त का लिखा एक पत्र दिखाया था. इस पत्र में साफ निर्देशित है कि झारखंड मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना के अंतर्गत विभागीय संकल्प एवं विभिन्न निर्देशों के गहन अनुश्रवण एवं सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए अयोग्य लाभुकों को चिन्हित कर विलोपित किया जाना है. पत्र में आगे यह भी लिखा है कि और इन अयोग्य लाभुकों से मईया सम्मान राशि की मिली किस्तों को वापस वसूलने की कार्रवाई की जानी है.

माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, यह कैसा इंसाफ? वोट लेते समय आपने 57 लाख बहनों के खाते में पैसे डलवा दिया. अब इसमें नए-नए प्रावधान डालकर बड़ी संख्या में महिलाओं को वंचित कर रहे हैं. जिनको अयोग्य बताया जाएगा ,उनको दी गई चार किस्तों को वसूलने की भी बात हो रही है. कृपया ऐसा ना करें माननीय क्योंकि इसे ही राजनीतिक धोखेबाजी कहते हैं. चुनाव के समय आपने ऐसी कोई बात नहीं कही थी. एक आयु वर्ग के भीतर आने वाली सभी महिलाओं को सम्मान राशि देने की बात कही थी. अब वादे से मुकर रहे हैं. कृपया निर्देश देकर इस पर अविलंब रोक लगाएं वरना भारतीय जनता पार्टी ने सदन में तो इसका विरोध किया है. आवश्यकता पड़ेगी तो सड़कों पर भी उतर कर बहनों को दिए गया सम्मान राशि वापस वसूलने का विरोध करेंगे.”

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रखंड विकास पदाधिकारी और शहरी क्षेत्रों में अंचल अधिकारी अपने क्षेत्र अंतर्गत लाभुकों की सूची के लिए जिम्मेदार होंगे. उपायुक्त ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी अपात्र लाभुक योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए. ज्ञात हो कि दिसंबर के बाद इस योजना में लाभुकों को आधार आधारित बैंक खाते में राशि का भुगतान किया जाना है.

चुनाव से पहले मुफ्त के रेवड़ी की तरह सम्मान राशि बांटने वाली हेमंत सरकार अब महिलाओं से वसूली की तैयारी कर रही है- बाबूलाल मरांडी

झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (एक्स) पर लिखा कि “मुख्यमंत्री बनते ही हेमंत सोरेन जी के नियत में खोट आ गई है. चुनाव से पहले बेरोकटोक मुफ्त के रेवड़ी की तरह मंईयां सम्मान योजना की राशि बांटने वाली हेमंत सरकार अब महिलाओं से वसूली की तैयारी कर रही है. विभागों को विशेष दिशानिर्देश दिए जा रहे हैं कि येन केन प्रकारेण, योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं का नाम छांटकर लाभुकों की संख्या सीमित रखी जाए. लाभुक सत्यापन के नाम पर महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित रखने का प्रयास करने वाली हेमंत सरकार चुनाव के दरम्यान सभी महिलाओं को 2500 रुपए मासिक वित्तीय सहायता देने का दंभ भरते थे, लेकिन सरकार बनते ही हेमंत सोरेन ने मंईयां सम्मान योजना में कई नई शर्तें थोप दीं हैं. हेमंत जी, बिना जांच के पैसे देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो, ना की लाभुक महिलाओं पर.. भाजपा, महिलाओं से मंईयां सम्मान योजना की राशि वसूली नहीं होने देगी.

रांची उपायुक्त ने क्या निर्देश दिए

  • ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ, शहरी क्षेत्रों में सीओ सूची बनाने के लिए जिम्मेदार
  • अयोग्य लाभुकों की पहचान कर उनका नाम हर हाल में सूची से हटाएं
  • अयोग्य लाभुकों से मानदेय के रूप में प्राप्त लाभ की वसूली करें

दिसंबर से मंईयां की राशि बढ़ाकर 2500 करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है

राज्य सरकार दिसंबर से मंईयां योजना के तहत सभी पात्र महिलाओं को 2500 रुपये देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है. अनुपूरक बजट में इस योजना के तहत महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को 6390.55 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव विधानसभा से भी पारित हो चुका है. आपको बता दें कि पिछले महीने तक मंईयां के लिए लाभुक को 1000 रुपये दिए जा रहे थे.

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