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Union Budget 2026 Highlights: मिडिल क्लास को झटका, किसानों-हेल्थ-डिफेंस पर मेहरबान सरकार, जानिए बजट की 10 बड़ी बातें

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Union Budget 2026 Highlights: भारत का आम बजट 2026 पेश हो चुका है. मोदी 3.0 सरकार के तीसरे और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यकाल के नौवें बजट में कई बड़े और अहम ऐलान किए गए. जहां एक ओर कस्टम ड्यूटी घटाने का फैसला लिया गया है, जिससे रोजमर्रा के कई सामान सस्ते होंगे, वहीं 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट्स जैसी बड़ी योजनाओं का भी ऐलान किया गया है. सरकार ने साफ किया कि इस बार बजट का फोकस किसानों की समृद्धि और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर रहेगा. आइए बजट से जुड़ी 10 बड़ी बातों के जरिए समझते हैं कि मिडिल क्लास से लेकर किसान, युवा और निवेशकों को क्या मिला.

मिडिल क्लास को बजट से क्या मिला

मोदी 3.0 के तीसरे बजट में टैक्स को लेकर मिडिल क्लास की उम्मीदों पर पानी फिर गया. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन इस पर कोई ऐलान नहीं हुआ. ऐसे में टैक्सपेयर्स को सीधी राहत नहीं मिली. हालांकि, कुछ फैसलों से अप्रत्यक्ष फायदा जरूर होगा. बजट में कैंसर और शुगर समेत 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है. इसके अलावा कई प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटने से जूते-चप्पल, स्मार्टफोन और रोजमर्रा के कई सामान सस्ते होने की उम्मीद है.

MSMEs को बढ़ाने का प्लान

वित्त मंत्री ने लघु और सूक्ष्म उद्योगों पर खास जोर दिया. MSMEs को मजबूती देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के MSMEs ग्रोथ फंड का ऐलान किया गया है. सरकार का लक्ष्य देश में ‘चैंपियन MSMEs’ तैयार करना है, ताकि रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ें.

हेल्थ और मेडिकल सेक्टर पर बड़ा फोकस

बजट 2026 में हेल्थ सेक्टर को अहम जगह मिली है. सरकार 5 मेडिकल हब में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी से आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सर्विस, पोस्ट-केयर और रिहैब सेंटर विकसित करेगी. इससे हेल्थ सेक्टर में रोजगार के नए मौके बनेंगे.
इसके साथ ही हाई-क्वालिटी आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और बायो-फार्मा स्कीम शुरू करने का भी ऐलान किया गया है.

किसानों के लिए क्या खास रहा?

किसानों और एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए भी बजट में कई बड़े ऐलान किए गए. पशुपालन में रोजगार बढ़ाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. दूध, पोल्ट्री और पशु व्यवसाय का आधुनिकीकरण होगा और वैल्यू चेन के जरिए किसान संगठनों को मजबूत किया जाएगा. नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों को बढ़ावा देने के लिए कोकोनट प्रोत्साहन योजना लाई गई है, जिससे 1 करोड़ किसानों और करीब 3 करोड़ लोगों को फायदा होगा. वहीं ‘AI एग्री टूल’ से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी.

जवानों के लिए बजट में क्या?

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सेना के आधुनिकीकरण पर खास जोर दिया गया है. डिफेंस फोर्सेज के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च तय किया गया है, जो पिछले साल 1.80 लाख करोड़ रुपये था. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद डिफेंस सेक्टर से बड़ी उम्मीदें पहले से ही थीं.

खिलाड़ियों को क्या मिला?

स्पोर्ट्स सेक्टर को भी बजट में जगह मिली है. खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत करने का ऐलान किया गया है. इसके तहत नए ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे, कोच और सपोर्ट स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं व लीग आयोजित होंगी. साथ ही खेल के सामानों पर ड्यूटी घटाकर उन्हें सस्ता किया गया है.

महिलाओं के लिए क्या ऐलान?

ग्रामीण महिलाओं के लिए SHE (सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर) मार्ट्स शुरू करने का ऐलान किया गया है, जहां महिलाएं अपने उत्पाद आसानी से बेच सकेंगी. वित्त मंत्री ने लखपति दीदी योजना की सफलता का भी जिक्र किया. इसके अलावा देश के करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे. लक्ष्य है कि हर जिले में कम से कम एक हॉस्टल जरूर हो.

विदेश में पढ़ाई करने वालों को बड़ी राहत

विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च करने वालों के लिए बजट में राहत की खबर है. सरकार ने TCS के तहत लगने वाले ब्याज को 5% से घटाकर 2% कर दिया है. यह छूट सिर्फ एजुकेशन और मेडिकल खर्च पर लागू होगी. यानी विदेश में पढ़ाई और इलाज अब पहले से सस्ता पड़ेगा.

शेयर बाजार निवेशकों को झटका

इस बजट से शेयर बाजार निवेशकों को निराशा हाथ लगी है. सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया है. इसका असर बाजार में साफ दिखा और शेयर बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

कुल मिलाकर, बजट 2026 में किसानों, हेल्थ, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार ने खुलकर खर्च किया है, लेकिन टैक्स राहत की उम्मीद लगाए मिडिल क्लास को इस बार खाली हाथ लौटना पड़ा है.

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