रांची में चुनावी बिगुल बजते ही सख्ती! 53 वार्डों में निषेधाज्ञा लागू, जानिए क्या है बैन और किसे मिलेगी छूट
Ranchi: झारखंड में नगरपालिका (आम) निर्वाचन–2026 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. इसके बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर रांची ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत रांची सदर अनुमंडल के अंतर्गत रांची नगर निगम (वर्ग-क) के सभी 53 क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
प्रशासन का कहना है कि चुनाव के दौरान राजनीतिक सभाओं, जुलूसों और प्रचार अभियानों में हथियारों के प्रदर्शन, मतदाताओं को डराने-धमकाने, जातीय या सांप्रदायिक तनाव फैलने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रहती है. इन्हीं संभावित खतरों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
निषेधाज्ञा के प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
• सक्षम पदाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी तरह की राजनीतिक सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा. जुलूस में धारदार या घातक हथियार ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
• पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. बिना अनुमति वाहनों पर लाउडस्पीकर का प्रयोग भी वर्जित होगा.
• सार्वजनिक या सरकारी संपत्तियों पर नारे लिखना, पोस्टर-बैनर चिपकाना, होर्डिंग या तोरण द्वार लगाना प्रतिबंधित रहेगा. उल्लंघन करने वालों पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट–1987 के तहत कार्रवाई होगी.
• निजी संपत्ति पर भी मालिक की लिखित अनुमति के बिना किसी तरह की प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकेगी.
• शांति भंग करने के उद्देश्य से पांच या उससे अधिक लोगों का एकत्र होना प्रतिबंधित रहेगा.
• किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री, पोस्टर या सोशल मीडिया पोस्ट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
• धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा. मतदाताओं को डराने-धमकाने या प्रलोभन देने पर भी कार्रवाई तय है.
• सरकारी गेस्ट हाउस या भवनों का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक गतिविधि के लिए नहीं किया जा सकेगा.
• प्लास्टिक या पॉलीथीन से बने पोस्टर-बैनर जैसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्रचार साधनों पर पूरी तरह रोक रहेगी.
• लाइसेंसी हथियार लेकर चलना या किसी भी तरह के घातक हथियार का प्रदर्शन निषिद्ध रहेगा. हालांकि, परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदायों, ड्यूटी पर तैनात पुलिस और चुनाव कर्मियों को इससे छूट दी गई है.
हालांकि, यह निषेधाज्ञा कैंटोनमेंट क्षेत्र, परीक्षा केंद्रों, सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों व विश्वविद्यालयों पर लागू नहीं होगी. इसके अलावा पहले से अनुमति प्राप्त कार्यक्रम, शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल जा रहे मरीजों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को भी इससे राहत मिलेगी.
प्रशासन ने आम लोगों से नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण, निष्पक्ष चुनाव में सहयोग करने की अपील की है. किसी भी तरह की शिकायत या सूचना के लिए रांची जिला प्रशासन ने अपना आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर ‘अबुआ साथी– 9430328080’ जारी किया है.

