आदिवासी अस्मिता की आवाज दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, झारखंड के संघर्ष को मिला राष्ट्रीय सम्मान

3 Min Read
दिशोम गुरु शिबू सोरेन
Spread the love

Jharkhand News: झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक, झारखंड आंदोलन के प्रणेता और आदिवासी अस्मिता की बुलंद आवाज रहे शिबू सोरेन को केंद्र सरकार ने मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित करने का फैसला किया है. इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. यह सम्मान देश और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान तथा दशकों लंबे संघर्ष को समर्पित है.

बता दें शिबू सोरेन का नाम झारखंड आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. उन्होंने आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और अलग राज्य की मांग को लेकर वर्षों तक निर्णायक संघर्ष किया है. झारखंड के गठन में उनकी भूमिका को ऐतिहासिक माना जाता है. उनके नेतृत्व में आदिवासी समाज को न केवल राजनीतिक पहचान मिली, बल्कि एक सशक्त आवाज भी मिली.

सामाजिक न्याय और आदिवासी हक की प्रतीक आवाज

शिबू सोरेन सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक न्याय और आदिवासी सम्मान के प्रतीक थे. उन्होंने शोषण, विस्थापन और अन्याय के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया. संसद से लेकर सड़क तक, उन्होंने आदिवासी मुद्दों को मजबूती से उठाया. महाजनों के खिलाफ उनके शुरुआती आंदोलनों को आज भी आदिवासी समाज गर्व के साथ याद करता है. इसके साथ ही उन्होंने समाज से नशाखोरी जैसी कुरीतियों को खत्म करने का भी संकल्प लिया और इसके लिए निरंतर प्रयास किए.

राजनीतिक सफर और जनसेवा

अपने लंबे राजनीतिक जीवन में शिबू सोरेन कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे. वे झारखंड के मुख्यमंत्री बने और केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभाई. राजनीतिक जीवन में उतार-चढ़ाव के बावजूद वे कभी अपने मूल मुद्दों से पीछे नहीं हटे और हमेशा झारखंड व आदिवासी समाज के हितों के लिए डटे रहे.

झारखंड में जश्न का माहौल

गृह मंत्रालय के इस ऐलान के बाद पूरे झारखंड में उत्साह का माहौल है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे गुरुजी के संघर्ष और बलिदान का सच्चा सम्मान बताया है. पार्टी नेताओं और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह निर्णय आदिवासी आंदोलन के इतिहास को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है. हालांकि, जेएमएम ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिबू सोरेन को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने की मांग भी रखी है.

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *