Palamu News: पलामू जिले के पांकी प्रखंड में महाशिवरात्रि मेले में लोगों को गोलगप्पा खाना भारी पड़ गया. 200 से ज्यादा लोग दूषित गोलगप्पा खाने के कारण बीमार पड़ गए हैं. मामला केकरगढ़ पंचायत के द्वारिका गांव स्थित हेडूम और जोलाबिघा के बीच रघुआ खाड़ इलाके का है. यहां शिवरात्रि के खास अवसर पर शिव मंदिर परिसर में मेला लगा था. मेले में आसपास के गांव कोल्हवा, केकरगढ़, रिमिरामपुर, नौडीहा और ताल से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, बीमार लोगों की संख्या करीब 250 तक पहुंच गई है.
गोलगप्पा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
मेले में एक ठेले से गोलगप्पा खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों और महिलाओं को उल्टी, बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द और दस्त की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते कई लोगों की हालत खराब हो गई और मेले में अफरातफरी मच गई. बीमारों में किरण कुमारी (16), राजवंती देवी (30), अंकुश कुमार (7), आरती कुमारी (10), आदर्श (13), अमृता देवी (35), रितेश कुमार (10), संध्या कुमारी, अंजलि कुमारी, शोभा कुमारी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं.
अस्पताल में भर्ती, सभी खतरे से बाहर
घटना के बाद सभी मरीजों को तत्काल पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर हैं, हालांकि कुछ की स्थिति पर एहतियातन निगरानी रखी जा रही है.
इस बीच समाजसेवी मुकेश सिंह चंदेल ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े हादसे के बावजूद अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और संसाधन उपलब्ध नहीं थे. उनके मुताबिक शुरुआती समय में केवल एक डॉक्टर और एएमओ सपना लकड़ा ही मौजूद थीं, जबकि अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती की जानी चाहिए थी.
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया. पांकी थाना प्रभारी राजेश रंजन से बातचीत कर आरोपित ठेला संचालक की गिरफ्तारी की मांग की गई है. साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं और मेले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की आवश्यकता बताई गई है.
प्रशासन ने खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र करने शुरू कर दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गोलगप्पा किस कारण दूषित हुआ. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
