West Singhbhum: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है. कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव में अंधविश्वास की आड़ में एक महिला और उसके मासूम बच्चे को जिंदा जला दिया गया. इस अमानवीय कृत्य में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला का पति गंभीर रूप से झुलस गया है और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है. उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है.
12 लोगों ने किया आत्मसमर्पण
घटना का खुलासा तब हुआ जब वारदात में शामिल 12 ग्रामीण खुद थाने पहुंच गए और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. उन्होंने स्वीकार किया कि महिला को ‘डायन’ मानते हुए परिवार को खत्म करने की योजना बनाई गई थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. चाईबासा के डीएसपी रेफरल मुर्मू ने मामले को अंधविश्वास की भयावह परिणति बताया है.
आधी रात को दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के मुताबिक, गांव में बीमारियों और मवेशियों की मौत को लेकर अफवाहें फैल रही थीं. कुछ लोगों ने इसके लिए महिला को जिम्मेदार ठहराया और उसे ‘डायन’ घोषित कर दिया. मंगलवार देर रात आरोपियों का समूह पेट्रोल और हथियार लेकर पीड़ित के घर में घुसा. सो रहे परिवार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई. आग इतनी तेज थी कि महिला और बच्चा बाहर निकल ही नहीं सके.
गांव में तनाव, पुलिस तैनात
घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है. प्रशासन ने एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं. साक्ष्य एकत्र करने के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए जा सकें.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डायन प्रथा के नाम पर हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हत्या, हत्या के प्रयास और डायन प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
