जमीन घोटाले में CM हेमंत सोरेन की बढ़ेगी मुश्किलें या मिलेगी राहत? इस तारीख को होगा फैसला
Jharkhand CM Hemant Soren: रांची के जमीन घोटाला मामले में एक अहम अपडेट सामने आया है. बड़गाई अंचल की 8.46 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अब आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इसी मामले में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका पर शुक्रवार को पीएमएलए कोर्ट में आंशिक सुनवाई हुई. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 फरवरी की तारीख तय की है. बता दें हेमंत सोरेन ने खुद को निर्दोष बताते हुए 5 दिसंबर को डिस्चार्ज याचिका दाखिल की थी.
मामले में 18 आरोपी शामिल
इसी केस में आरोपी शेखर प्रसाद महतो समेत अन्य आरोपियों की डिस्चार्ज याचिकाओं पर भी आंशिक बहस हुई. इन याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए अदालत ने 11 फरवरी की तारीख निर्धारित की है. इस मामले में हेमंत सोरेन सहित कुल 18 आरोपियों के खिलाफ ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है. अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को पुलिस पेपर उपलब्ध करा दिए हैं. अब अगली न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोप तय किए जाने हैं. फिलहाल इस केस में राजस्व निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद और अफसर अली जेल में बंद हैं.
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि रांची के बड़गाई इलाके में करीब 8.5 एकड़ जमीन को अवैध तरीके से हेमंत सोरेन के सहयोगियों के नाम कराया गया. इसके लिए जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर और सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव किए जाने का आरोप भी सामने आया था.
इसी मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए 31 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. एजेंसी का कहना था कि जांच के दौरान वे सहयोग नहीं कर रहे थे और कई बार समन भेजे जाने के बावजूद पेश नहीं हुए, जिसके बाद गिरफ्तारी का कदम उठाया गया.
जेल से बाहर आने के बाद बदली सियासी तस्वीर
करीब पांच महीने जेल में बिताने के बाद हेमंत सोरेन को जमानत मिल गई. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव में बंपर जीत दर्ज की, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश गया.

