सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को अंतरिम राहत, क्रिमिनल कार्रवाई पर लगी रोक

3 Min Read
सीएम हेमंत सोरेन
Spread the love

झारखंड की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत के आधार पर शुरू की गई आपराधिक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है. यह मामला भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक प्रकरण में जारी समन के अनुपालन न करने के आरोप से संबंधित है. Directorate of Enforcement (ईडी) ने दावा किया था कि जांच के दौरान जारी किए गए समन का पालन नहीं किया गया, जिसके आधार पर आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई.

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अगुवाई वाली पीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस जारी किया. अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन निदेशालय चार सप्ताह के भीतर अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल करे. इसके बाद याचिकाकर्ता पक्ष को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई है.

अदालत के इस अंतरिम आदेश के साथ ही फिलहाल मुख्यमंत्री के खिलाफ जारी आपराधिक प्रक्रिया पर रोक लग गई है. हालांकि यह अंतिम फैसला नहीं है, लेकिन इससे तत्काल कानूनी दबाव कम हुआ है.

हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर

इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने ‘ईडी के आदेशों की अवज्ञा’ से जुड़े मामले में राहत देने से इनकार कर दिया था. हाई कोर्ट के फैसले के बाद हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और विशेष अनुमति याचिका दायर की.

सुनवाई के दौरान सोरेन पक्ष ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई तथ्यों और कानून दोनों के अनुरूप नहीं है. वहीं ईडी ने अपने कदम को न्यायसंगत बताते हुए आरोपों को सही ठहराया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है और विस्तृत सुनवाई अगली तारीख पर होगी.

राजनीतिक हलचल तेज

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद झारखंड की सियासत में हलचल बढ़ गई है. विपक्ष इस मामले को लेकर पहले से ही सरकार पर निशाना साधता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे नियमित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है.

अब सबकी नजर ईडी की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और अगली सुनवाई पर टिकी है. फिलहाल के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी कानूनी राहत मिली है, लेकिन अंतिम फैसला आने तक यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर चर्चा का विषय बना रहेगा.

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *