Jharkhand News: झारखंड की राजनीति में रविवार को एक अहम बदलाव देखने को मिला. राज्य के पूर्व मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके दुलाल भुइयां ने अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है. रांची में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई.
सीमित दायरे में सिमट गई JMM
भाजपा में शामिल होने के बाद दुलाल भुइयां ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही. उनके अनुसार, स्वर्गीय शिबू सोरेन के नेतृत्व में JMM एक आंदोलनकारी सोच और जनभावनाओं से जुड़ी पार्टी थी, लेकिन अब उसका चरित्र बदल चुका है. भुइयां ने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में पार्टी सीमित दायरे में सिमट गई है और पुराने कार्यकर्ताओं व नेताओं को वह सम्मान नहीं मिल रहा, जिसके वे हकदार हैं.
दुलाल भुइयां के वार पर झामुमो का प्रहार
दूसरी ओर, JMM की तरफ से भी इस पर प्रतिक्रिया आई. पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि दुलाल भुइयां लंबे समय से संगठन में सक्रिय नहीं थे. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2009 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद भुइयां ने कई राजनीतिक दलों का रुख किया, जिनमें झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी शामिल हैं.
भाजपा विचारधारा की पार्टी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मौके पर कहा कि भाजपा किसी व्यक्ति या परिवार की नहीं, बल्कि विचारधारा की पार्टी है. उन्होंने ‘अंत्योदय’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि पार्टी दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुलाल भुइयां को दलित समाज की प्रभावशाली आवाज बताते हुए कहा कि उनके आने से भाजपा को सामाजिक रूप से मजबूती मिलेगी.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दुलाल भुइयां का भाजपा में शामिल होना झारखंड की सियासत में नए समीकरण पैदा कर सकता है, खासकर दलित मतदाताओं के बीच. आने वाले समय में इसका असर चुनावी रणनीतियों और दलों की सामाजिक पकड़ पर भी दिख सकता है.
