‘अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27: झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया, जिसे “अबुआ दिशोम” नाम दिया गया है. सरकार ने इस बजट में खासतौर पर युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखा है. बजट भाषण के दौरान मंत्री ने विकास योजनाओं के साथ-साथ केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया.
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े फैसले
सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं. जैसे कि:
- धनबाद में 2 और पलामू, लातेहार और गढ़वा में 1-1 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे.
- वर्ष 2026-27 में 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) शुरू करने का लक्ष्य.
- शहीदों के आश्रितों के लिए एक आदर्श विद्यालय की स्थापना.
- 17 पॉलिटेक्निक संस्थानों को आईआईटी और एनआईटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा.
- चतरा में आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना होगी.
- लातेहार, साहेबगंज और सरायकेला के सदर अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा.
सरकार का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही राज्य का भविष्य मजबूत होगा.
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को कर्ज से राहत देना और उनकी आमदनी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है. ऐसे में बजट में-
- बिरसा बीज उत्पादन योजना का बजट 95 करोड़ से बढ़ाकर 145 करोड़ रुपये किया गया.
- बंजर भूमि राइस फैलो और जलनिधि योजनाओं के तहत तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए 475.50 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई इकाइयों के लिए 75 करोड़ रुपये.
- बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये.
वहीं, ताजा श्रमबल सर्वेक्षण के अनुसार, कृषि क्षेत्र में रोजगार प्रतिशत 44.3% से बढ़कर 50.4% हुआ है, जिसे सरकार अपनी नीतियों का सकारात्मक परिणाम बता रही है.
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
महिला सशक्तिकरण को बजट में खास प्राथमिकता दी गई है.
- महिला किसान खुशहाली योजना के तहत 25 करोड़ रुपये का प्रावधान, जिससे महिलाओं को तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा.
- झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये, जिसके तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह सहायता.
- जेंडर बजट के अंतर्गत 232 योजनाओं के लिए 34,211.27 करोड़ रुपये का प्रावधान.
स्वास्थ्य, आवास और आधारभूत ढांचा
- 750 “अबुआ दवाखाना” खोले जाएंगे.
- 5 मेडिकल कॉलेजों में PET-CT स्कैन और 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी.
- अबुआ आवास योजना के लिए 4,100 करोड़ रुपये, जिससे गरीब परिवारों को तीन कमरों का पक्का मकान मिलेगा.
- सर्वजन पेंशन योजना के लिए 3,517 करोड़ रुपये.
- 785 किमी सड़कों का उन्नयन और 35 फ्लाईओवर/ROBs का निर्माण.
- 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जारी रहेगी, जिसके लिए 5,405 करोड़ रुपये का प्रावधान.
केंद्र पर आर्थिक सहयोग न देने का आरोप
वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड के विकास के लिए केंद्र का सहयोग जरूरी है, लेकिन राज्य को केंद्रीय करों में 5,000 करोड़ और अनुदान में 11,000 करोड़ रुपये अब तक नहीं मिले.
उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव से राज्य को सालाना 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. मनरेगा की बदली व्यवस्था (60:40 हिस्सेदारी) से भी राज्य पर करीब 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
इसके अलावा कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया होने की बात भी उठाई गई.
विकास और सामाजिक न्याय का संतुलन
सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की सोच पर आधारित है. शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में निवेश बढ़ाकर झारखंड को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं.
