7 दिनों बाद भी मासूमों का नहीं मिला कोई सुराग, लोगों में बढ़ता जा रहा गुस्सा, रक्षा राज्य मंत्री ने पुलिस पर उठाये सवाल

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लापता अंश-अंशिका की तलाश देशभर में तेज
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रांची (RANCHI): राजधानी रांची से लापता हुए दो मासूम बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. घटना को पूरे 7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की जांच अब भी खाली हाथ नजर आ रही है. इस बीच परिजनों का सब्र जवाब देने लगा है और अब इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है.

इसी बीच रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ लापता बच्चों के परिजनों से मिलने पहुंचे. उन्होंने मां-बाप को ढांढस बंधाया, लेकिन साथ ही पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए. संजय सेठ ने कहा कि जब राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाके से दिनदहाड़े बच्चे गायब हो जाते हैं और एक हफ्ते बाद भी उनका कोई पता नहीं चलता, तो यह पुलिस के इकबाल के खत्म होने का संकेत है.

उन्होंने सीधा सवाल किया कि आखिर रांची में सुरक्षित कौन है? राज्य मंत्री ने एसपी से भी बात की और पूछा कि अब तक जांच में क्या हासिल हुआ है और मामला कहां तक पहुंचा है. इस पर एसपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बच्चे जल्द ही बरामद कर लिए जाएंगे.

इधर, इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी गुस्सा बढ़ता जा रहा है. लोगों का कहना है कि अगर किसी नेता या मंत्री के बच्चे लापता होते, तो पुलिस तुरंत हरकत में आ जाती. लेकिन चूंकि ये गरीब परिवार के बच्चे हैं, इसलिए इतने दिनों बाद भी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. बताया जा रहा है कि दो जनवरी से रांची के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके से भाई-बहन अंश और अंशिका लापता हैं. दोनों घर से बिस्किट लेने निकले थे, लेकिन उसके बाद कभी वापस नहीं लौटे. दोनों बच्चों की उम्र 5 से 7 साल के बीच बताई जा रही है.

पुलिस ने पोस्टर जारी किए

बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट के बाद, पूरी रांची पुलिस फोर्स ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. सर्च को तेज़ करने के लिए, रांची पुलिस ने अब शहर के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए हैं और इनाम की घोषणा की है. इन पोस्टरों में लोगों से अपील की गई है कि अगर उन्हें अंश और अंशिका के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को बताएं. जो भी ज़रूरी जानकारी देगा, उसे ₹51,000 का इनाम दिया जाएगा.

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