सीएम नीतीश का बुजुर्गों को उपहार, अब घर बैठे मिलेगा इलाज, टेस्ट से लेकर फिजियोथेरेपी की सुविधा
inlive247 Desk: बिहार सरकार ने बुजुर्गों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है. अब वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, क्योंकि घर बैठे इलाज की सुविधा शुरू की जा रही है. यह योजना सात निश्चय पार्ट-3 के तहत लागू की जा रही है, जिसमें बुजुर्गों को पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर, ईसीजी से लेकर इमरजेंसी में डॉक्टर और नर्सिंग सहायता तक घर पर ही मिलेगी.
राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इस फैसले का ऐलान किया है. उन्होंने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस नई सुविधा की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से बुजुर्गों की रोजमर्रा की परेशानियां कम होंगी और समय पर इलाज मिल सकेगा.
बुजुर्गों को घर पर ही मिलेंगी ये सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर पर ही पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर मापने और ईसीजी जैसी जरूरी स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जाएगी. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर घर पहुंचकर इलाज करेंगे और नर्सिंग सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे उम्रदराज लोगों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
फिजियोथेरेपी और इमरजेंसी मदद भी घर तक
आपातकालीन स्थिति में बुजुर्गों को घर पर ही हर तरह की चिकित्सकीय सहायता देने की तैयारी की जा रही है. इसके अलावा फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं भी सीधे घर तक पहुंचाई जाएंगी, ताकि उन्हें बार-बार अस्पताल या क्लीनिक न जाना पड़े.
सीएम नीतीश ने अपने पोस्ट में क्या कहा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में कहा कि 24 नवंबर 2005 से उनकी सरकार सभी वर्गों के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक सम्मान के साथ, सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन जी सके. बुजुर्गों के लिए शुरू की गई यह सुविधा उसी सोच का हिस्सा है.
क्यूआर कोड से दे सकेंगे सुझाव
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आम लोगों से सुझाव भी मांगे हैं. सात निश्चय के तहत जीवन को और आसान बनाने के लिए सरकार ने एक क्यूआर कोड जारी किया है, जिसे स्कैन कर लोग अपने सुझाव और विचार सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं.


