Surya Hansda Encounter: संथाल परगना में कथित अपराधी व पूर्व भाजपा प्रत्याशी सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर विपक्ष सवाल उठा रहा है. राज्य के तीनों मुख्यमंत्री इसकी जांच की मांग कर रहे हैं. वहीं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने अब इस पूरी घटना का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है. आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव, डीजीपी, गोड्डा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की है.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को मुठभेड़ के बाद दर्ज शिकायतों पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग के समक्ष रखनी होगी. निर्धारित समय सीमा के भीतर उपस्थित नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ समन जारी किया जा सकता है. यह कदम भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर उठाया गया है.

गौरतलब है कि 11 अगस्त को गोड्डा जिले के बोआरीजोर थाना क्षेत्र के लालमटिया धमानी पहाड़ में पुलिस और कथित अपराधी सूर्या हांसदा के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान हुई गोलीबारी में सूर्या की मौत हो गई थी. इससे एक दिन पहले, उन्हें देवघर ज़िले के नवाडीह गाँव से पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. परिवार का आरोप है कि उन्हें बिना वारंट के घर से उठाया गया और बाद में मुठभेड़ में मार दिया गया.
सूर्या हांसदा का राजनीतिक सफ़र भी चर्चा में रहा है. उन्होंने बोरियो विधानसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव लड़ा था. उन्होंने 2009 और 2014 में झारखंड विकास मोर्चा से, 2019 में भाजपा के टिकट पर और 2024 में झामुमो पार्टी से चुनाव लड़ा, हालाँकि उन्हें जीत नहीं मिली.
इधर, हाल के वर्षों में साहिबगंज और गोड्डा थानों में उनके ख़िलाफ़ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे. अब आयोग की पहल के बाद देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और मुठभेड़ की जाँच किस नतीजे पर पहुँचती है.
