बड़ी खबर : झारखंड के बदलेगी पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली, JAC ने विभाग को लिखा पत्र

3 Min Read
बड़ी खबर : झारखंड के बदलेगी पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली, JAC ने विभाग को लिखा पत्र
Spread the love

Ranchi : झारखंड के पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली में बदलाव होगा. इसको लेकर झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) ने इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से मार्गदर्शन मांगा है.

निर्धारित होगा कट ऑफ

सहायक शिक्षक सेवा शर्त नियमावली 2022 में शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि के लिए मूल्यांकन परीक्षा का प्रावधान किया गया है. मूल्यांकन परीक्षा में सफल शिक्षकों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है. झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं होने वाले शिक्षकों के लिए मूल्यांकन परीक्षा का प्रावधान किया गया है. मूल्यांकन परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य कोटि के शिक्षकों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत तथा ओबीसी, एससी एवं एसटी कोटि के शिक्षकों के लिए 35 प्रतिशत कट ऑफ निर्धारित किया गया है. नियमावली में ईडब्ल्यूएस एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए कट ऑफ का उल्लेख नहीं किया गया है. ऐसे में दिव्यांग एवं ईडब्ल्यूएस कोटि के अभ्यर्थी कट ऑफ निर्धारण की मांग कर रहे थे. इस आलोक में झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया है. इसके लिए सहायक शिक्षक सेवा शर्त नियमावली 2022 में बदलाव किया जाएगा.

विभाग के मार्गदर्शन के बाद परीक्षा

पारा शिक्षकों के लिए कुल चार मूल्यांकन परीक्षा ली जाएगी. पिछले साल एक परीक्षा ली गई थी. इस साल अभी तक परीक्षा प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मिलने के बाद परीक्षा प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जुलाई के अंत तक मूल्यांकन परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.

मानदेय में नहीं हुई चार प्रतिशत की वृद्धि

सेवा शर्त नियमावली के अनुसार शिक्षकों के मानदेय में हर साल चार प्रतिशत की वृद्धि होनी है. इसके लिए शिक्षकों को हर साल अपनी सेवा का सत्यापन कराना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी सेवा संतोषजनक है. प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों का सेवा सत्यापन प्रधान द्वारा और मध्य विद्यालय के शिक्षकों का सेवा सत्यापन प्रधान द्वारा किया जाता है. नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि शहरी क्षेत्र के शिक्षकों की सेवा का सत्यापन कौन करेगा. इसके कारण पिछले दो वर्षों से शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है.

इसे भी पढ़ें: हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर HC में सुनवाई आज, ईडी रखेगी अपना पक्ष

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *