Patna : अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) के राज्य सचिव सबीर कुमार और राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा है कि पटना विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज के छात्र हर्ष कुमार की मौत से हम स्तब्ध हैं. इस अपूरणीय क्षति से पीड़ित शोकाकुल परिवार के दुख में हम शामिल हैं. आइसा ने आरोपियों में से एक चंदन यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से संगठन की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है. चंदन यादव लंबे समय से संगठन की गतिविधियों से दूर रहकर निष्क्रिय था और अब इस दुर्घटना में उसकी संलिप्तता सामने आई है.
आइसा का सरकार पर आरोप
हर्ष कुमार की मौत के लिए जिम्मेदार मारपीट में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग करते हुए आइसा ने कहा है कि सरकार को विश्वविद्यालय के अराजक माहौल और असुरक्षा का सामना कर रहे छात्र समुदाय की कोई चिंता नहीं है. विश्वविद्यालय में लगातार मारपीट, बमबाजी, गोलीबारी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार की घातक लापरवाही के कारण जान जा रही है.आइसा का सरकार पर आरोप
संगठन ने आगे कहा कि इस बेहद दर्दनाक घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत सजा मिलनी चाहिए. बता दें कि हर्ष हत्याकांड में पुलिस ने चंदन यादव को आरोपी बनाया है. चंदन यादव वामपंथी छात्र संगठन आइसा का सदस्य था. आइसा सीपीआई एमएल की छात्र शाखा है, जो महागठबंधन का हिस्सा है. पटना लॉ कॉलेज में हुई थी मारपीट आपको बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के बीएन कॉलेज में पढ़ने वाला छात्र हर्ष कुमार सोमवार को पटना लॉ कॉलेज में परीक्षा देने गया था. जब वह परीक्षा देकर बाहर निकला तो गेट के बाहर कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी. आनन-फानन में घायल हर्ष को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया. लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. अब तक की गई पुलिस जांच में यह एंगल सामने आ रहा है कि कुछ दिन पहले डांडिया नाइट कार्यक्रम हुआ था, जिसके दौरान छात्र हर्ष का चंदन यादव से विवाद हुआ था. इसी विवाद के चलते चंदन यादव ने घटना को अंजाम दिया है. वहीं हर्ष वैशाली प्रखंड के मझौली गांव का रहने वाला था.
