रांची: आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व विधानपार्षद सुबोध राय की ओरमांझी स्थित फैक्ट्री तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड में पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने मंगलवार देर रात छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान 303 पेटी विदेशी शराब बरामद की गई. छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से ही सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत और फैक्ट्री के एक अन्य कर्मी रविकांत राय को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों का आरोप है कि प्लांट में तैयार शराब पर दूसरे नामी ब्रांडों के फर्जी लेबल लगाए जा रहे थे. फिर उसे बाजार में आधी कीमत पर बेचा जा रहा था.
बुधवार शाम तीनों आरोपियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया. इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह ने किया. छापेमारी मंगलवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई, जो बुधवार सुबह करीब छह बजे तक चली. जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि फैक्ट्री में तीन अलग-अलग ब्रांड की अवैध शराब तैयार की जा रही थी. इनमें 8 पीएम और आफ्टर डार्क जैसे ब्रांड भी शामिल हैं. उत्पाद विभाग का मानना है कि इन शराब की बोतलों पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली के नाम से फर्जी लेबल लगाए जा रहे थे. बरामद बोतलों पर “For Sale Only UP” भी लिखा मिला.
2023 में भी हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि इसी प्लांट पर मार्च 2023 में भी उत्पाद विभाग ने छापेमारी की थी. उस समय 108 बोतल अवैध शराब बरामद हुई थीं. कार्रवाई के बाद फैक्ट्री को सील कर शो कॉज नोटिस जारी किया गया था. हालांकि बाद में यह फिर से संचालित होने लगी. उस समय भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया था कि सुबोध राय को बचाया गया. उनका कहना था कि आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के करीबी होने की वजह से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई.
जांच एजेंसियों के मुताबिक नकली शराब की सप्लाई के लिए पिकअप वैन में आलू की आड़ ली जाती थी. इसी तरीके से बिहार और झारखंड के अलग-अलग इलाकों में अवैध शराब पहुंचाने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था.

