मुरहू विवाद पर ‘खूंटी बंद’ का व्यापक असर, विरोध में पूरी तरह बंद रहे बाजार
झारखंड के खूंटी जिले में रामनवमी के दौरान मुरहू क्षेत्र में हुए विवाद और उसके बाद की पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को बुलाए गए ‘खूंटी बंद’ का व्यापक असर देखने को मिला. सर्व सनातन धर्म के आह्वान पर आयोजित इस बंद में जिले के विभिन्न हिस्सों में लोगों का समर्थन नजर आया.
खूंटी शहर के साथ-साथ तोरपा और रनिया प्रखंड के बाजारों में भी स्वतः स्फूर्त बंदी रही. अधिकांश दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. हालांकि, बंद के दौरान यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य बनी रही, जिससे यात्रियों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई.
धरना-प्रदर्शन के जरिए जताया विरोध
बंद के दौरान स्थानीय नेताजी चौक पर प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जितेंद्र कश्यप और अन्य स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद तीन व्यक्तियों को जेल भेज दिया गया.
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा.
ग्रामीण इलाकों में भी दिखा असर, प्रशासन सतर्क
बंद का प्रभाव केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तोरपा और रनिया के ग्रामीण इलाकों में भी साफ तौर पर देखने को मिला. इन प्रखंडों के प्रमुख बाजार और साप्ताहिक हाट पूरी तरह बंद रहे, जिससे स्थानीय व्यापार पर असर पड़ा.
वहीं, मुरहू थाना क्षेत्र में हुई पत्थरबाजी और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.

