कोडरमा में हाथियों का आतंक, 5 दिन में 3 की मौत से दहशत
झारखंड के कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले पांच दिनों में तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. ताजा मामला रविवार सुबह का है, जहां मरकच्चो थाना क्षेत्र के हरलाडीह गांव में एक महिला की हाथी के हमले में मौत हो गई.
महुआ चुनने गई महिला बनी शिकार
मृतका की पहचान 55 वर्षीय सीता देवी के रूप में हुई है. वह सुबह करीब 5:30 बजे गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में महुआ चुनने गई थीं. इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया. बाकी महिलाएं तो भागने में सफल रहीं, लेकिन सीता देवी खुद को नहीं बचा सकीं.
हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने सीता देवी को अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर कई बार पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद साथ गई महिलाओं ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हाथी को किसी तरह वहां से भगाया.
पहले भी दो लोगों की जा चुकी है जान
इससे पहले बुधवार को भी हाथियों ने मरियमपुर और बोनाकाली इलाके में दो लोगों को कुचलकर मार डाला था. इनमें एक महिला और 40 वर्षीय बालेश्वर सोरेन शामिल थे. बताया जा रहा है कि लोगों ने हाथी को भगाने की कोशिश की थी, लेकिन इसी दौरान यह हादसा हो गया.
इलाके में दहशत, वन विभाग पर सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बाद मरियमपुर, बोनाकाली और आसपास के गांवों में डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अब भी आसपास के जंगलों में मौजूद हैं. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन हाथियों को दूर खदेड़ने में खास सफलता नहीं मिल पाई.
संसाधनों की कमी का आरोप
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि टीम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और सिर्फ टॉर्च के सहारे हाथियों को भगाने की कोशिश की जा रही है, जो प्रभावी नहीं है.
एक साल में दर्जन भर मौतें
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले एक साल में हाथियों के हमलों में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. वहीं बीते एक हफ्ते में ही तीन लोगों की मौत ने लोगों में गुस्सा और डर दोनों बढ़ा दिया है. अब लोग जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि इस खतरे से राहत मिल सके.

