आसनसोल मंडल में ट्रैफिक ब्लॉक होने से रेल सेवाएं बाधित, कई पैसेंजर ट्रेनें रद्द
रांची/आसनसोल: रविवार को आसनसोल रेल मंडल में लिए गए ट्रैफिक ब्लॉक का असर यात्रियों पर साफ नजर आया. कई रेल खंडों पर मेंटेनेंस कार्य के चलते ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा.
स्टेशनों पर बढ़ी यात्रियों की परेशानी
ट्रेनों के रद्द होने और देरी से चलने के कारण कई स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी गई. लोग घंटों ट्रेन का इंतजार करते रहे. खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी. कई यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ा.
मेंटेनेंस के लिए लिया गया ट्रैफिक ब्लॉक
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रैफिक ब्लॉक पूर्व निर्धारित था. इस दौरान तुलसीटांड, नरगंजो, सिमुलतला, रोहिणी, देवघर और दुमका जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के आसपास ट्रैक से जुड़े जरूरी तकनीकी और रखरखाव कार्य किए गए. अधिकारियों का कहना है, कि ट्रैक की मजबूती और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के काम समय-समय पर जरूरी होते हैं.
कई पैसेंजर ट्रेनें रद्द
ब्लॉक के कारण कई मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा. इनमें-
- जसीडीह-दुमका,
- बर्द्धमान-आसनसोल,
- अंडाल-बर्द्धमान,
- आसनसोल-बर्द्धमान,
- आसनसोल-जसीडीह,
- जसीडीह-झाझा,
- झाझा-जसीडीह,
- अंडाल-जसीडीह,
- जसीडीह-अंडाल,
- झाझा-देवघर,
- बर्द्धमान-झाझा,
- झाझा-बर्द्धमान और
- जसीडीह-बांका रूट की ट्रेनें शामिल रहीं.
कुछ ट्रेनों की दूरी घटाई गई
केवल रद्द ही नहीं, बल्कि कुछ ट्रेनों के परिचालन में बदलाव भी किया गया. 63209 देवघर-पटना मेमू ट्रेन को झाझा से ही चलाया गया. वहीं, 17321 वास्को-डी-गामा से जसीडीह जाने वाली साप्ताहिक एक्सप्रेस को मधुपुर तक सीमित कर दिया गया.
इसके अलावा 22 मार्च को चलने वाली 13331 धनबाद-पटना एक्सप्रेस के समय में करीब 80 मिनट का बदलाव किया गया, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा.
सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
रेलवे का कहना है कि इस तरह के ट्रैफिक ब्लॉक अस्थायी असुविधा जरूर पैदा करते हैं, लेकिन लंबे समय में यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर रेल सेवा के लिए यह जरूरी होते हैं. हालांकि, अचानक हुए बदलाव और जानकारी की कमी के कारण कई यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी.

