Ranchi: डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट यानी DMFT फंड में कथित गड़बड़ियों और करोड़ों रुपये के दुरुपयोग की आशंका ने बड़ा रूप ले लिया है. आयकर विभाग ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची, हजारीबाग, बोकारो और सूरत समेत कुल 15 ठिकानों पर एक साथ सर्वे और छापेमारी की. बोकारो जिले में ठेकेदार सोनू मिश्रा और सेक्टर-9 स्थित प्रकाश जेरॉक्स के मालिक प्रकाश कुमार के ठिकानों सहित आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर जांच की गई. सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान बोकारो जिले को DMFT फंड के तहत करीब 631 करोड़ रुपये मिले थे. इन्हीं पैसों के इस्तेमाल में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं. आयकर विभाग को शक है कि खनन प्रभावित इलाकों के विकास के लिए मिले इस फंड का उपयोग तय दिशा-निर्देशों के अनुसार नहीं किया गया.
51 लाख की नकदी से खुली परतें
पूरे मामले की शुरुआत साल 2025 में हुई, जब गोला थाना क्षेत्र में एक क्लर्क की गाड़ी से 51 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. इस बरामदगी के बाद पुलिस ने आयकर विभाग को पत्र लिखकर जांच की सिफारिश की. इसके बाद विभाग ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन बताया जा रहा है कि कई लोग नोटिस से बचते रहे. यहीं से जांच ने रफ्तार पकड़ ली.
फंड के इस्तेमाल पर उठे गंभीर सवाल
शिकायतों में कहा गया है कि DMFT फंड, जो खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए होता है, उसका इस्तेमाल कथित तौर पर सरकारी दफ्तरों की रंगाई-पुताई, जिम निर्माण और अन्य गैर-प्राथमिक कामों में किया गया. इन आरोपों के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने भी राज्य सरकार से DMFT फंड के उपयोग को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की टीमें देर रात तक दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन और ठेकों से जुड़े रिकॉर्ड खंगालती रहीं. सूत्रों का यह भी कहना है कि जांच के दायरे में कुछ बड़े अधिकारी और प्रभावशाली लोग भी आ सकते हैं. फिलहाल जांच जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
