14 दिन बाद मिली बड़ी राहत! अपहृत कारोबारी पुत्र कैरव गांधी सकुशल बरामद, किडनैपर्स फरार
Jamshedpur : जमशेदपुर से कथित तौर पर फिरौती के लिए अपहृत किए गए व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी को पुलिस ने आखिरकार सकुशल बरामद कर लिया है. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें झारखंड–बिहार बॉर्डर पर हजारीबाग के बरही इलाके से ढूंढ निकाला. पुलिस के मुताबिक, अपराधी लगातार पुलिस से बचने के लिए कैरव गांधी को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांजिट कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस को अहम इनपुट मिला कि हजारीबाग के चौपारण के आसपास, बिहार की ओर कारोबारी को एक बार फिर शिफ्ट किया जा रहा है.
बिहार के किडनैपिंग गिरोह का हाथ होने की आशंका
जमशेदपुर पुलिस का कहना है कि इस अपहरण के पीछे बिहार का एक बड़ा किडनैपिंग गिरोह शामिल है. जांच में सामने आया है कि किडनैपर्स हर दिन कैरव गांधी को अलग-अलग ठिकानों पर ले जा रहे थे, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिले.
एक साथ कई जगह दबिश, कार छोड़कर भागे अपराधी
मिली सूचना के बाद पुलिस ने एक साथ कई टीमों को अलर्ट किया और अलग-अलग इलाकों में दबिश दी. कार्रवाई के दौरान अपराधी कैरव गांधी को कार में ही छोड़कर फरार हो गए. इसके बाद पुलिस ने कैरव गांधी को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और उन्हें सकुशल उनके घर पहुंचा दिया.
सिटी एसपी का बयान
जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि कैरव गांधी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल आपराधिक गिरोह के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है और फरार अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई है.
14 दिन बाद पुलिस को बड़ी सफलता
गौरतलब है कि 14 दिन पहले जमशेदपुर के एक उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी का अपहरण हुआ था. इस मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया था और राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई थी. साथ ही, जमशेदपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे थे. अब कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस ने इन सभी सवालों पर पूर्ण विराम लगा दिया है.

