नगर निकाय चुनाव: संवेदनशील बूथों पर कड़ी सुरक्षा, पूरी प्रक्रिया होगी कैमरे में कैद, जानिए चुनाव आयोग की क्या है तैयारी
Desk: नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की है. संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी. साथ ही, नामांकन से लेकर मतगणना तक चुनाव की हर अहम गतिविधि की वीडियोग्राफी कराई जाएगी.
प्रशासन अलर्ट मोड में, सुरक्षा पर खास जोर
नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया है कि इस बार सामान्य से अधिक संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं. इन केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे. आयोग का साफ कहना है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी.
मतदान और मतगणना के दौरान रहेगी चाक-चौबंद सुरक्षा
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती गृह विभाग और अपर पुलिस महानिदेशक (अभियान) द्वारा की जा रही है. इसके अलावा, मतगणना केंद्रों और बैलेट बॉक्स को सुरक्षित रूप से बज्रगृह तक पहुंचाने के लिए भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे. आयोग ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाए. इस संबंध में सभी जिलों को पहले ही आवश्यक निर्देश भेजे जा चुके हैं.
प्रेक्षकों की पैनी नजर में रहेगी पूरी चुनाव प्रक्रिया
नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराने के लिए प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किए जाएंगे. इसके साथ ही उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए व्यय प्रेक्षक भी तैनात रहेंगे. आयोग द्वारा सभी प्रेक्षकों को चुनाव प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी के लिए विशेष रूप से ब्रीफ किया जा रहा है. चुनाव के दौरान उनसे नियमित रिपोर्ट ली जाएगी, ताकि किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सख्त नजर
चुनाव ड्यूटी में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के आचरण पर भी आयोग की कड़ी निगरानी रहेगी. आयोग ने उम्मीद जताई है कि सभी अधिकारी और कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से करेंगे. यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी चुनाव से जुड़े किसी भी कदाचार में दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना देरी के सख्त कार्रवाई की जाएगी.
SC/ST मतदाताओं की सुरक्षा पर विशेष निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर भी खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने बताया कि एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत यदि कोई व्यक्ति इन वर्गों के मतदाताओं को डराने या भयभीत करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
चुनाव में नहीं होगा NOTA का विकल्प
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में ठोस साक्ष्य उपलब्ध होंगे. आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि इस नगर निकाय चुनाव में NOTA (None of the Above) का विकल्प नहीं होगा. यानी मतदाताओं को किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करना अनिवार्य होगा.

