मंईयां सम्मान योजना: बंगाल के यूसुफ और सुफनी ने कर दिया बड़ा कांड, फर्जी दस्तावेज दिखाकर लिया योजना का लाभ, FIR दर्ज

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Maiya Samman Yojna: झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. जहां बोकारो जिले में पश्चिम बंगाल के यूसुफ और सुफनी खातून ने स्थानीय दलालों की मदद से फर्जी नाम से आवेदन किया और योजना का लाभ उठाया. अब इस मामले में 27 मई 2025 को गोमिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई. जांच में पता चला कि यूसुफ ने 13 फर्जी नामों से और सुफनी ने 7 फर्जी नामों से आवेदन किया था. इस घोटाले के बाद सरकारी योजनाओं में ‘प्रॉफिट जिहाद’ का शक हो रहा है और विभाग ने जांच शुरू कर दी है.

फर्जी कागजात दिखा उठाया योजना का लाभ

इस मामले की जांच हुई तो पता चला कि पश्चिम बंगाल निवासी यूसुफ और सुफनी खातून ने फर्जी तरीके से इस योजना का लाभ उठाया. उन्होंने स्थानीय दलालों और बिचौलियों की मदद से फर्जी दस्तावेज जमा कर झारखंड सरकार से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए.

मामला संज्ञान में आने पर बोकारो के तत्कालीन उपायुक्त विजया जाघव ने जांच के आदेश दिए थे. गोमिया प्रखंड के सामाजिक सुरक्षा प्रभारी सुभाष चंद्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उनकी शिकायत पर 27 मई 2025 को गोमिया थाने में कांड संख्या 46/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

जानिए क्या कहते हैं गोमिया के बीडीओ

वहीं इस मामले को लेकर गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो ने बताया कि यूसुफ नाम के व्यक्ति ने 13 फर्जी नामों से आवेदन किया था. जबकि सुफनी खातून नाम की महिला ने 7 फर्जी नामों से आवेदन किया था. दोनों ने गोमिया प्रखंड के अलग-अलग पंचायतों से आवेदन किया था. जांच में पता चला कि यूसुफ की मैया सम्मान योजना का पैसा इंडसइंड बैंक के खाते में ट्रांसफर हुआ था. जबकि सुफनी खातून के पैसे भी इसी बैंक के खाते में ट्रांसफर हुए थे. बीडीओ महादेव कुमार महतो ने भी बताया कि इन दोनों लोगों ने फर्जी राशन कार्ड का इस्तेमाल किया था. उन्होंने बताया कि राशन कार्ड की जांच करने पर पता चला कि फर्जीवाड़ा के लिए जन सुविधा केंद्र का इस्तेमाल किया गया है. यह जन सुविधा केंद्र पलामू के कुमार रवि के नाम से रजिस्टर्ड है.

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