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दुबई में फिर फंसे झारखंड के 14 मजदूर, वतन वापसी को लेकर सरकार से लगाई गुहार

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Ranchi: झारखंड के प्रवासी मजदूरों के विदेश में फंसने का मामला एक बार फिर सामने आया है. इस बार गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले के कुल 14 मजदूर दुबई में फंसे हुए हैं. आरोप है कि वहां काम कराने वाली कंपनी न तो समय पर मजदूरी दे रही है और न ही तय नियमों का पालन कर रही है. मजदूरों से तय समय से ज्यादा काम लिया जा रहा है, जिससे उन्हें रहने और खाने-पीने तक में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

दुबई में फंसे इन मजदूरों ने अपनी पीड़ा एक वीडियो के जरिए साझा की है और सरकार से मदद की अपील की है. यह वीडियो प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली को भेजा गया, जिसे उन्होंने मीडिया के साथ साझा किया है.

सरकार से कूटनीतिक पहल की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली ने केंद्र और राज्य सरकार से इन मजदूरों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विदेश में मजदूरों के फंसने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी बेहतर कमाई की उम्मीद में विदेश गए कई प्रवासी मजदूर मुश्किलों में फंस चुके हैं, जिन्हें काफी प्रयासों के बाद वापस लाया गया. इसके बावजूद लोग पिछली घटनाओं से सबक नहीं ले पा रहे हैं.

इन जिलों के मजदूर हैं दुबई में फंसे

दुबई में फंसे मजदूरों में गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिचाकी के रोशन कुमार और अजय कुमार, बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला के राजेश महतो और मंडरो, डुमरडेली के अजय कुमार शामिल हैं. बोकारो जिले के पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र के कंजकीरो निवासी डालेश्वर महतो भी वहां फंसे हुए हैं.

हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के खेदाडीह के जागेश्वर महतो और फालेन्द्र महतो, सिरैय के बैजनाथ महतो, पारजोरिया के दिलीप महतो, गंगाधर महतो और त्रिलोकी महतो, चकचुको बसरिया के दीपक कुमार, गोरहर थाना क्षेत्र के गोरहर के रोहित महतो और सेवा महतो भी इस सूची में शामिल हैं.

पहले भी सामने आ चुकी है दर्दनाक मिसाल

गौरतलब है कि गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव निवासी प्रवासी श्रमिक विजय कुमार महतो की 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में मौत हो गई थी. हैरानी की बात यह है कि घटना के तीन महीने बाद भी उनका शव देश नहीं लाया जा सका है और न ही परिजनों को कोई मुआवजा मिला है. दुबई में फंसे मजदूरों की इस नई घटना ने एक बार फिर विदेश में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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