सरस्वती पूजा के बाद स्कूल में अश्लील डांस पर हंगामा, वायरल वीडियो से मचा बवाल, 6 कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस
Bokaro: बोकारो जिले के कसमार स्थित पीएम श्री एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो सरस्वती पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान का बताया जा रहा है, जिसमें शिक्षक और छात्र कथित तौर पर अश्लील गानों पर नाचते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है और पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाया गया है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) जगरनाथ लोहरा ने इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. नोटिस पाने वालों में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. फारुख अंसारी, शिक्षक धनंजय कुमार, अशोक रजवार, प्रशांत ओझा, प्रयोगशाला सहायक रिशु कुमार और लिपिक सुदीप शर्मा शामिल हैं. विभाग ने साफ कहा है कि इस तरह का आचरण शिक्षा की गरिमा के खिलाफ है.
वायरल वीडियो के चलते न सिर्फ स्कूल की छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है. शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि अगर तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है.
स्पष्टीकरण नोटिस और आगे की कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी शो-कॉज नोटिस में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि छात्रों के सामने अश्लील गानों पर नाचना और इस तरह का व्यवहार स्कूल के अनुशासन और मर्यादा का खुला उल्लंघन है. विभाग ने चेतावनी दी है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे. टीजीटी शिक्षकों के मामलों का निपटारा जिला स्तर पर किया जाएगा, जबकि पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा मामला राज्य कार्यालय और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पास भेजा जाएगा.
गौरतलब है कि यह स्कूल पीएम श्री योजना के तहत चयनित है और इसे भारत सरकार की ओर से विशेष संसाधन और सुविधाएं मिली हुई हैं. हाल ही में केंद्रीय टीम ने स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों के कामकाज की सराहना भी की थी. ऐसे में इस तरह की घटना को शिक्षा मंदिर की मर्यादा के खिलाफ माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से सरकारी स्कूलों पर अभिभावकों का भरोसा भी कमजोर हो सकता है, जो बेहद चिंताजनक है. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस का जवाब क्या आता है और शिक्षा विभाग आगे क्या सख्त कदम उठाता है.

