सड़क हादसे के बाद का पहला एक घंटा कई बार जिंदगी और मौत के बीच का फर्क तय करता है. इस अहम समय में अक्सर लोग मदद करने के लिए आगे आना तो चाहते हैं, लेकिन पुलिस या कानूनी झंझट के डर से पीछे हट जाते हैं. ऐसे में अब इस डर को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है, कि राजधानी में केंद्र की ‘राह-वीर’ योजना लागू की जाएगी. इस योजना के तहत जो भी व्यक्ति किसी सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल को “गोल्डन ऑवर” के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाएगा, उसे 25,000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा.
क्या है ‘गोल्डन ऑवर’?
गोल्डन ऑवर का मतलब है दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा. इस दौरान अगर घायल व्यक्ति को तुरंत मेडिकल सहायता मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है. सरकार का मकसद यही है कि ऐसे समय में लोग बिना हिचकिचाहट आगे आएं, ताकि कई जिंदगियां बचाई जा सके.
राह-वीर योजना: कौन पा सकता है इनाम?
इस योजना के तहत कोई भी आम नागरिक, जो किसी गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाएगा, वह 25,000 रुपये के इनाम का हकदार होगा. अगर एक ही घटना में कई घायलों की मदद की जाती है, तब भी अधिकतम 25,000 रुपये की राशि दी जाएगी. साथ ही मदद करने वाले व्यक्ति को सम्मान प्रमाणपत्र (Certificate of Honor) भी दिया जाएगा. इसके अलावा, हर साल 10 लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख रुपये तक का विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा.
कानूनी सुरक्षा की गारंटी
कई लोग दुर्घटना में घायलों की मदद इसलिए नहीं करते, क्योंकि उन्हें पुलिस या कानूनी प्रक्रिया का डर होता है. इस डर को दूर करने के लिए यह योजना Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019 के तहत बने Good Samaritan नियमों के अनुसार लागू की जा रही है. इन नियमों के तहत मदद करने वाले व्यक्ति को किसी भी तरह की अनावश्यक पुलिस पूछताछ या कानूनी परेशानियों से सुरक्षा दी जाती है. यानी जो मदद करेगा, उसे परेशान नहीं किया जाएगा.
कैसे होगी जांच और भुगतान?
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर मामले की जांच जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति करेगी. इस समिति में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे. जांच पूरी होने के बाद योग्य व्यक्ति को इनाम की राशि सीधे उसके बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी.
क्यों है यह योजना अहम?
दिल्ली की सड़कों पर हर दिन हजारों वाहन चलते हैं और दुर्घटनाओं के मामले भी सामने आते हैं. ऐसे में अगर पहले एक घंटे के भीतर सही मदद मिल जाए, तो मौतों की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है. ‘राह-वीर’ योजना का मकसद सिर्फ इनाम देना नहीं, बल्कि लोगों की सोच बदलना है, ताकि वे डर छोड़कर इंसानियत के नाते आगे आएं और किसी की जान बचाने में मदद करें.
