चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को नहीं मिली राहत, फिलहाल तिहाड़ में ही रहेंगे एक्टर
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस और लोन भुगतान मामले में फिलहाल राहत नहीं मिली है. गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने फैसला सोमवार तक के लिए टाल दिया है. ऐसे में अब उन्हें कुछ दिन और तिहाड़ जेल में रहना होगा. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, कि जेल जाने की स्थिति खुद उनके वादे पूरे न करने की वजह से बनी है.
पुराने लोन का मामला
यह मामला करीब 15 साल पुराना है. राजपाल यादव पर आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी से फिल्म बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. बाद में भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हुआ और चेक बाउंस के मामले दर्ज हुए. कोर्ट में कई बार उनकी ओर से यह भरोसा दिया गया, कि बकाया रकम चुका दी जाएगी, लेकिन भुगतान नहीं हुआ. इसी बात पर अदालत ने नाराजगी जताई. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि कई बार आश्वासन देने के बावजूद रकम अदा नहीं की गई.
वकील की दलील और कोर्ट की फटकार
दोपहर बाद दोबारा सुनवाई शुरू होने पर राजपाल के वकील ने कहा, कि वे अपने मुवक्किल से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे और जमानत अर्जी दाखिल कर दी गई है. इस पर अदालत ने कहा कि बार-बार वादा करने के बाद भी भुगतान न करना गंभीर बात है. कोर्ट ने दूसरे पक्ष को जमानत अर्जी पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
परिवार में शादी का हवाला
राजपाल यादव ने जमानत अर्जी में यह भी बताया कि 19 फरवरी को परिवार में शादी है और उन्हें उसमें शामिल होना है. उन्होंने शादी में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन फिलहाल इस पर कोई राहत नहीं मिली है.
अब तक की कानूनी स्थिति
मामले की शुरुआत 2010 में हुई थी. फिल्म “अता पता लापता” के निर्माण के लिए लिया गया कर्ज समय पर नहीं चुकाया जा सका. 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी. 2019 में सत्र अदालत ने भी इस फैसले को बरकरार रखा. बकाया रकम बढ़ने के बाद राजपाल यादव ने सरेंडर कर दिया और 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल चले गए. अब उनकी जमानत पर अंतिम फैसला सोमवार को होने वाली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा.

