खादगढ़ा बस स्टैंड आगजनी केस सुलझा: नशे में धुत युवक ने लगाई थी 6 बसों में आग, पुलिस ने दबोचा, माचिस-लाइटर बरामद
Ranchi: रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड में खड़ी बसों में आग लगाने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अर्जुन भोक्त (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सिकिदरी थाना क्षेत्र के पिपरा टोला का रहने वाला बताया जा रहा है. आरोपी के पास से पुलिस ने माचिस का डब्बा और एक लाइटर बरामद किया है.
सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 1 फरवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे खादगढ़ा बस स्टैंड में खड़ी बसों में अचानक आग लग गई थी. इस भीषण घटना में कुल छह बसें जलकर राख हो गई थीं. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई. जांच के दौरान 2 फरवरी को बस टर्मिनल के सामने खड़ी एक सिटी बस (रजिस्ट्रेशन नंबर JH01AF-6969) में दोबारा आग लग गई. हालांकि, इस बार समय रहते आग बुझा ली गई, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया.
पुलिस ने जांच के दौरान बस स्टैंड और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में साफ तौर पर देखा गया कि आग लगने से ठीक पहले एक व्यक्ति हाथ में कपड़ा लेकर बस के अंदर जाता है और कुछ देर बाद खाली हाथ बाहर निकल आता है. उसके बाहर निकलते ही बस से धुआं उठने लगता है और फिर आग भड़क जाती है. जांच में यह भी सामने आया कि 1 फरवरी को जिस बस में सबसे पहले आग लगी थी, उसके पास से भी वही व्यक्ति घटना से करीब पांच मिनट पहले गुजरता हुआ दिखाई दिया था. इसी आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर उसे हिरासत में लिया.
एसपी पारस राणा ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी नशे की हालत में था और पूछताछ के दौरान लगातार अपने बयान बदल रहा था. आरोपी के पास से माचिस और लाइटर बरामद किए गए हैं, वहीं बस के अंदर से जला हुआ कपड़ा भी पुलिस ने जब्त किया है. इस मामले में लोअर बाजार थाना में केस दर्ज कर लिया गया है.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आगजनी की इस वारदात को आरोपी ने अकेले अंजाम दिया या इसके पीछे किसी और की भूमिका भी है. सिटी एसपी ने कहा कि बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और CCTV निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

