सारंडा में 21 नक्सलियों के खात्मे के बाद अब ‘जगुआर’ संभालेगी मोर्चा, जंगल में अब भी छिपे हैं कई उग्रवादी
Saranda Naxalite Encounter: झारखंड के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़ में अब तक कुल 21 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. गुरुवार को 15 नक्सलियों के ढेर होने के बाद शुक्रवार को जंगल से छह और शव बरामद किए गए हैं. इलाके में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है. इस बीच नक्सल विरोधी अभियान को और तेज करने के लिए रांची से जगुआर की 10 बटालियन को कभी भी सारंडा रवाना किया जा सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, जंगल में अब भी बड़ी संख्या में नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त बलों की तैनाती की तैयारी की जा रही है.
मुठभेड़ के बाद फिर हुई फायरिंग
गुरुवार को हुई मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षाबल नक्सलियों के शवों को बाहर निकाल रहे थे, उसी दौरान जंगल में छिपे अन्य नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी तत्काल जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.
अन्य टीमों की तैनाती, जवान हाई अलर्ट पर
अब जंगल में बचे नक्सलियों के सफाए के लिए अतिरिक्त टीमें भेजी जा रही हैं. सभी जवानों को हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में हाल के महीनों में नक्सलियों के मारे जाने से उग्रवादी संगठन दबाव में हैं. माना जा रहा है कि कई नक्सली जान बचाने के लिए झारखंड के चाईबासा क्षेत्र में छिपे हैं.
इनामी नक्सली ‘अनल दा’ भी मारा गया
बता दें गुरुवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए 16 नक्सलियों में कुख्यात नक्सली नेता पतिराम मांझी उर्फ अनल दा भी शामिल था. उस पर कुल 2.35 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. अधिकारियों के अनुसार, झारखंड सरकार ने उस पर एक करोड़, ओडिशा सरकार ने 1.2 करोड़ और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 15 लाख रुपये का इनाम रखा था.
महिलाएं भी शामिल, 1500 से अधिक जवान तैनात
इस अभियान में मारे गए नक्सलियों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं. कार्रवाई को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कोबरा इकाई और झारखंड पुलिस संयुक्त रूप से अंजाम दे रही है. वामपंथी उग्रवाद के खात्मे की समय-सीमा नजदीक आने के कारण करीब 1,500 सुरक्षाकर्मी इस अभियान में लगाए गए हैं.

