Jharkhand: बोकारो में जंगली हाथी का कहर, शख्स को कुचलकर मार डाला, गांवों में रातभर पहरा दे रहे लोग
Jharkhand: झारखंड के कई जिलों में पिछले कुछ महीनों से जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामला बोकारो जिले से सामने आया है, जहां एक दर्दनाक घटना में सब्जी विक्रेता की हाथी के हमले में मौत हो गई. यह हादसा रविवार देर रात सिमराबेड़ा महतो टोला के पास हुआ, जिसकी पुष्टि पुलिस ने सोमवार को की. मृतक की पहचान रामगढ़ जिले के मुरुमतला निवासी रविंद्र दानी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, रविंद्र सब्जी बेचकर अपने वाहन से घर लौट रहे थे. इसी दौरान कंडेरा इलाके में उनका वाहन असंतुलित होकर पलट गया. बताया जा रहा है कि वाहन की हेडलाइट खराब थी, जिससे अंधेरे में सड़क पर मौजूद हाथी दिखाई नहीं दे सका.
वाहन पलटते ही हाथी का हमला
बोकारो के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) संदीप सिंधे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है, कि वाहन पलटने के बाद जैसे ही रविंद्र बाहर निकले, पास मौजूद जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी ने उन्हें सूंड से पकड़कर बाहर खींचा और कुचल दिया. हालांकि, वन विभाग का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है. डीएफओ ने यह भी बताया कि रास्ते में हाथियों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों ने पहले ही रविंद्र को सतर्क किया था, लेकिन उन्होंने यात्रा जारी रखी.
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. वहीं, प्रशासन ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. नियम के अनुसार, हाथी के हमले में मौत होने पर राज्य सरकार की ओर से चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है.
हाथियों के डर से रात जागने को मजबूर ग्रामीण
बता दें पतरातू प्रखंड के कंडेर पंचायत अंतर्गत कच्चूदाग और पुरनाडीह गांव के लोग पिछले एक महीने से हाथियों के भय में जी रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि 11–12 हाथियों का झुंड मिर्चा कोचा पहाड़ी पर डेरा जमाए हुए है, जो रात के समय गांव में घुसकर फसलों और घरों को नुकसान पहुंचा रहा है. डर के कारण कई लोग घरों की छतों पर पुआल और प्लास्टिक लगाकर रात गुजारने को मजबूर हैं, जिससे ठंड से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ रही हैं. रविवार देर रात बाबूलाल बेदिया के घर का दरवाजा तोड़कर हाथियों ने घर में रखा अनाज खा लिया, जिससे गांव में दहशत और बढ़ गई है.

