इस हफ्ते झारखंड नगर निकाय चुनाव पर लग सकती है मुहर, आयोग की तैयारियां पूरी
Jharkhand Municipal Elections: झारखंड में लंबे समय से टलते आ रहे शहरी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर अब तस्वीर साफ होती नजर आ रही है. सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग जनवरी के आखिरी सप्ताह में नगर निकाय चुनाव की आधिकारिक घोषणा कर सकता है. आयोग की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल चुनाव कार्यक्रम जारी होना बाकी है. नोटिफिकेशन जारी होते ही पूरे राज्य में चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी. इससे पहले आयोग शहरी निकायों में वार्ड आरक्षण से जुड़ी अधिसूचना जारी कर चुका है, जिसका गजट प्रकाशन भी पूरा हो चुका है.
नोटिफिकेशन के साथ ही शुरू होगा नामांकन
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही उम्मीदवारों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर सकेंगे. इसके साथ ही राज्यभर में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे सभी राजनीतिक गतिविधियां आयोग की निगरानी में आ जाएंगी.
राजनीतिक दलों में तेज हुआ मंथ
चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. संभावित उम्मीदवारों के चयन, वार्ड स्तर के समीकरण और गठबंधन को लेकर अंदरखाने मंथन चल रहा है. जैसे ही चुनाव की घोषणा होगी, प्रचार अभियान भी रफ्तार पकड़ने की संभावना है.
48 शहरी निकायों में होगा चुनाव
बता दें राज्य में कुल 48 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं. इनमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं. इन चुनावों के जरिए शहरों के विकास, बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रतिनिधि चुने जाएंगे. यही वजह है कि इन चुनावों को शहरी राजनीति का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है.
चुनावी माहौल से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
नगर निकाय चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सभी प्रमुख दल शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुट गए हैं. स्थानीय विकास, ट्रैफिक, जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दे धीरे-धीरे चुनावी बहस का केंद्र बनते जा रहे हैं.
पोस्टर-बैनर और बैठकों का दौर
शहरों में पोस्टर, बैनर और संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है. संभावित प्रत्याशी वार्डों में सक्रिय नजर आ रहे हैं और जनता से संपर्क बढ़ाया जा रहा है. औपचारिक घोषणा के बाद ये गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है.
मतदाता सूची पर विशेष फोकस
इसी बीच मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम भी तेजी से चल रहा है. गहन पुनरीक्षण की प्री-रिवीजन अवधि में अब तक लगभग 72% मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है. यह प्रक्रिया बीएलओ ऐप के माध्यम से की जा रही है.
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर जानकारी देते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि मतदाता सूची में नाम होना मतदान के लिए अनिवार्य है. मतदाता “बुक ए कॉल” सुविधा के जरिए अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं, जिसके तहत 48 घंटे के भीतर संपर्क किया जाएगा. गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और मकान पर स्टिकर लगाएंगे, ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से छूट न जाए.
प्रशासन भी अलर्ट मोड में
नगर निकाय चुनाव को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की पहचान, ईवीएम प्रबंधन और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं. चुनाव आयोग का फोकस शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने पर है.

