बिजली बिल का झटका! झारखंड में 1 अप्रैल से बढ़ेंगी दरें, जानें नया टैरिफ
झारखंड राज्य बिजली नियामक आयोग (JSERC) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी. आयोग ने कुल मिलाकर 6.12 प्रतिशत की वृद्धि का फैसला लिया है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा.
घरेलू उपभोक्ताओं पर कितना असर?
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) नवनीत कुमार के अनुसार, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 55 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है. इसके बाद उन्हें अब 7.40 रुपए प्रति यूनिट चुकाने होंगे, जो पहले 6.85 रुपए था.
वहीं ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है. अब उन्हें 7.20 रुपए प्रति यूनिट भुगतान करना होगा, जबकि पहले यह 6.70 रुपए था.
कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नई दरें
व्यावसायिक (कमर्शियल) उपभोक्ताओं के लिए भी दरों में बढ़ोतरी की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में 50 पैसे प्रति यूनिट और शहरी क्षेत्रों में 60 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि लागू की गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
EV चार्जिंग के लिए तय दरें
आयोग ने सार्वजनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी दरें तय की हैं.
सोलर समय (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक): 7 रुपए प्रति यूनिट
नॉन-सोलर समय: 8.70 रुपए प्रति यूनिट
बड़े प्रस्ताव पर सीमित बढ़ोतरी
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली दरों में 59 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था. हालांकि आयोग ने विस्तृत समीक्षा के बाद इसे सीमित रखते हुए केवल 6.12 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी.
उपभोक्ताओं को मिलेगी ये राहत
आयोग ने उपभोक्ताओं को कुछ राहत भी दी है:
बिल जारी होने के 5 दिन के भीतर भुगतान करने पर 2% की छूट
प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर ऊर्जा शुल्क में 3% की छूट
रूफटॉप सोलर परियोजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं
वितरण नुकसान पर भी फैसला
JSERC ने बिजली वितरण नुकसान (डिस्ट्रिब्यूशन लॉस) को 13 प्रतिशत तक सीमित करने की मंजूरी दी है. यह JBVNL के प्रस्तावित आंकड़ों (28.19%, 27.23% और 25.60%) से काफी कम है, जिससे सिस्टम को अधिक कुशल बनाने पर जोर दिया गया है.

