CID को भी मिल सकती है 10वीं की पेपर लीक मामले के जांच की जिम्मेदारी, DGP ने बनाई SIT, JAC ने शिक्षा विभाग को भेजी रिपोर्ट

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Ranchi : मैट्रिक परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले में जैक ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को अपनी रिपोर्ट भेज दी है. रिपोर्ट में जैक ने प्रश्नपत्र लीक होने और उसके बाद की गई विभागीय कार्रवाई की जानकारी दी है. जिलों में चल रही जांच की भी जानकारी दी है. शिक्षा विभाग अब एसआईटी बनाकर इसकी जांच सीआईडी से कराने की तैयारी कर रहा है. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की सहमति के बाद इसे गृह विभाग को भेजा जाएगा. वहीं, प्रश्नपत्र लीक मामले में राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने एसआईटी का गठन कर दिया है. जांच की जिम्मेदारी सीआईडी( CID) को देने की तैयारी चल रही है. ताकि, प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके.

डीजीपी ने कहा है कि इस मामले की जांच तेज कर दी गई है. प्रश्नपत्र लीक के तार कोडरमा से जुड़े हैं. कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं. उसकी भी जांच की जा रही है. इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं. कई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. डीजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पुराने प्रश्नपत्र को वायरल कर छात्रों को गुमराह कर रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जाएगा. मैट्रिक विज्ञान की परीक्षा 20 फरवरी को हुई थी, जिसका प्रश्नपत्र 18 फरवरी को ही वायरल हो गया था. 18 फरवरी का हिंदी का प्रश्नपत्र भी वायरल हुआ था.

शुक्रवार को संस्कृत का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जो फर्जी निकला. संस्कृत की परीक्षा शनिवार को हुई, लेकिन वह वायरल पेपर से अलग थी. हिंदी और विज्ञान के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद जैक ने इसकी जांच के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखा था. जैक ने इस संबंध में कोडरमा, गिरिडीह और गढ़वा के उपायुक्तों को अलग-अलग पत्र लिखा था. इन तीनों जिलों में प्रश्नपत्र पहले वायरल हुआ था. तीनों जिलों में इसकी जांच की जा रही है.

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