गोड्डा में अंधविश्वास का खूनी खेल, डायन-बिसाही के शक में एक ही परिवार के 3 लोगों की निर्मम हत्या
झारखंड के गोड्डा जिले से एक बेहद भयावह और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. देवड़ाड थाना क्षेत्र के डांगा विशु टोला गांव में सोमवार देर रात डायन-बिसाही के शक में एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्ममता से हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बना हुआ है.
मृतकों की पहचान 55 वर्षीय दरबारी मुर्मू, उनकी पत्नी मकू बस्की (50 वर्ष) और उनके 13 वर्षीय बेटे जीतराम मुर्मू के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि घटना के समय तीनों अपने घर में सो रहे थे. इसी दौरान हमलावरों ने घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला किया और बेरहमी से उनकी जान ले ली.
पहले से झेल रहे थे आरोप और उत्पीड़न
परिजनों के मुताबिक, मृतक दंपति पर लंबे समय से गांव के कुछ लोग डायन-बिसाही का आरोप लगाते आ रहे थे. इस कारण उन्हें सामाजिक रूप से प्रताड़ित भी किया जाता था. मामले को लेकर गांव में पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ. घटना की रात उनकी बेटी सुनीता मुर्मू अपने ससुराल में थी और सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तीन हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ अशोक रविदास के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची. जांच शुरू करते हुए पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है. वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.
गांव में तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
इस जघन्य हत्याकांड के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया. कुछ लोगों ने आरोपियों के घर पर हमला करने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति को काबू में कर लिया. फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है.
अंधविश्वास बना मौत की वजह
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और कुप्रथाओं की भयावह सच्चाई को उजागर करती है. प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन सवाल यह भी है कि आखिर कब तक ऐसे अंधविश्वास निर्दोष लोगों की जान लेते रहेंगे.

