बिहार के बाद अब झारखंड के इंजीनियरों पर भी गिरी गाज, गिरिडीह में अरगा नदी पर पुल ध्वस्त मामले में सरकार ने 4 को किया सस्पेंड

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बिहार के बाद अब झारखंड के इंजीनियरों पर भी गिरी गाज, गिरिडीह में अरगा नदी पर पुल ध्वस्त मामले में सरकार ने 4 को किया सस्पेंड
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Giridih : गिरिडीह में अरगा नदी पर 5.5 करोड़ की लागत से बन रहा निर्माणाधीन पुल ढहने का मामले में सरकार ने एक्शन लिया है. राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए 4 इंजीनियरों को संस्पेंड कर दिया है.

बताते चलें कि गिरिडीह के फतेहपुर भेलवाघाटी मार्ग पर डुमरीटोला और कारीपहाड़ी गांव के बीच 5.5 करोड़ की लागत से यह पुल बन रहा था. पुल का निर्माण ओम नमः शिवाय कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा कराया जा रहा था, लेकिन यह मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल सका और ध्वस्त हो गया.

बताया जाता है कि गिरिडीह और जमुई को जोड़ने वाला फतेहपुर से भेलवाघाटी पुल पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो सका, लेकिन उससे पहले ही मानसून की बारिश में इसका बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया. पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विनय कुमार ने बताया था कि यह उनके कार्यकाल से पहले की योजना थी. ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण पुल का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया. इस मामले में वे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखेंगे.

पुल ध्वस्त होने से गिरिडीह और जमुई जाने वाले रास्ते में बची हुई दूरी भी समाप्त हो गई है. रविवार को जब स्थानीय लोग सुबह की सैर के लिए निकले, तो देखा कि पुल का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया है. लोगों ने इसकी सूचना मुखिया को दी. उल्लेखनीय है कि फतेहपुर से भेलवाघाटी को जोड़ने वाले इस पुल और सड़क का शिलान्यास पांच साल पहले किया गया था, लेकिन निर्माण एजेंसी पांच साल में भी काम पूरा नहीं कर पाई है.

गौरतलब है कि बिहार में भी 17 दिनों के अंदर एक के बाद एक 12 पुल ढहने के बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए 15 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया था. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने नए पुलों के पुनर्निर्माण का भी आदेश दिया है.

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