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रूस का बड़ा डिजिटल वार! WhatsApp पर लगाया पूरी तरह बैन, जानिए पुतिन ने क्यों लिया ये फैसला

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Inlive247 Desk: दुनिया के सबसे बड़े देश रूस ने अमेरिकी टेक कंपनी Meta को बड़ा झटका देते हुए उसके लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. मॉस्को ने साफ कर दिया है कि अब रूस में व्हाट्सऐप का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद रहेगा. रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेटा कंपनी रूसी कानूनों का पालन नहीं कर रही थी. इसी वजह से सरकार को यह सख्त कदम उठाना पड़ा. उन्होंने रूसी नागरिकों से अपील की है कि वे अब स्थानीय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ‘MAX’ का इस्तेमाल करें.

स्थानीय मैसेंजर ‘MAX’ को बढ़ावा, निगरानी के आरोपों पर सरकार का जवाब

पेसकोव के मुताबिक, MAX एक राष्ट्रीय मैसेंजर प्लेटफॉर्म है जिसे खास तौर पर रूसी नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. उनका कहना है कि यह ऐप देश के लोगों के लिए बेहतर और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है. हालांकि, इस फैसले पर सवाल भी उठ रहे हैं. कुछ आलोचकों का दावा है कि MAX ऐप के जरिए उपयोगकर्ताओं की निगरानी की जा सकती है. लेकिन रूसी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि इस प्लेटफॉर्म का मकसद सरकारी सेवाओं को एकीकृत करना और लोगों के रोजमर्रा के कामों को आसान बनाना है.

VPN से अब भी मिल रही है WhatsApp तक पहुंच

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों का रूस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. रूस इन दिनों ‘संप्रभु कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर’ विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. माना जा रहा है कि व्हाट्सऐप पर लगाया गया प्रतिबंध भी इसी रणनीति का हिस्सा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, बैन लागू होते ही रूस में व्हाट्सऐप की सेवाएं बंद हो गई हैं. इससे जुड़े कुछ डोमेन नामों को राष्ट्रीय रजिस्टर से भी हटा दिया गया है. हालांकि, कुछ यूजर्स अब भी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं.

पहले भी विदेशी मैसेंजर ऐप्स पर लग चुका है शिकंजा

यह पहली बार नहीं है जब रूस ने किसी विदेशी मैसेजिंग ऐप पर सख्ती दिखाई हो. इससे पहले भी व्हाट्सऐप और अन्य विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं. रूस के संचार नियामक Roskomnadzor का आरोप रहा है कि विदेशी कंपनियां धोखाधड़ी और आतंकवाद से जुड़े मामलों में रूस की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जरूरी जानकारी साझा नहीं कर रही थीं.

इतना ही नहीं, रूसी अदालत व्हाट्सऐप पर प्रतिबंधित सामग्री नहीं हटाने को लेकर उस पर भारी जुर्माना भी लगा चुकी है. डिजिटल दुनिया में यह कदम रूस की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां वह विदेशी टेक कंपनियों पर अपनी शर्तें लागू करने के लिए लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है.

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