चार दिन भी नहीं टिक पाई ईमानदारी, 96 घंटे के भीतर ACB के हत्थे चढ़ गए घूसखोर थानेदार
गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. चैनपुर थाना में थानेदार की कुर्सी संभालने के महज 96 घंटे के भीतर ही थानेदार शैलेश कुमार भ्रष्टाचार के आरोप में एसीबी के हत्थे चढ़ गए. एसीबी (ACB) की टीम ने उन्हें 30,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.
जानकारी के अनुसार, शैलेश कुमार ने रविवार को ही चैनपुर के 22वें थाना प्रभारी के रूप में पदभार ग्रहण किया था. लेकिन बुधवार दोपहर उनका भ्रष्टाचार सामने आ गया. आरोप है कि वर्तमान थाना प्रभारी शैलेश कुमार और पूर्व प्रभारी अशोक कुमार मिलकर पीड़ित जयपाल नायक पर निजी मकान के लिए ईंट पकाने के नाम पर अवैध वसूली का दबाव बना रहे थे.
पुलिस प्रताड़ना से परेशान पीड़ित ने एसीबी से की शिकायत
पीड़ित जयपाल नायक ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और पुलिस की लगातार प्रताड़ना से बेहद परेशान हो चुके थे. बार-बार दबाव और डराने-धमकाने से तंग आकर उसने आखिरकार एसीबी रांची से शिकायत कर दी. शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और बुधवार दोपहर करीब 2:05 बजे थाना प्रभारी को रिश्वत की रकम लेते ही मौके पर पकड़ लिया गया. इसके बाद टीम ने करीब 15 मिनट तक उनके आवास की तलाशी ली. तलाशी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3:10 बजे एसीबी की टीम आरोपी थानेदार को अपने साथ रांची ले गई.
इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग इसे कानून के नाम पर वसूली करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं.

